Dewas Liquor Deaths: देवास में जहरीली शराब से 22 मौतों का दावा

Sai Mehta
16 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Ayaan Khan
18 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Yash Kulkarni
19 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Neel Saxena
20 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Nisha Shah
21 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Anil Sen
22 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Sneha Menon
22 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Priya Iyer
1 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
देवास में जहरीली शराब से 22 मौतों का दावा
मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब से मौतों के मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि जिले में अब तक 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मौतों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, 22 मौतों का आंकड़ा पटवारी के बयान पर आधारित है और इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
जीतू पटवारी और अरुण यादव ने प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
शनिवार, 24 अक्टूबर को जीतू पटवारी और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने देवास जिले के ग्राम चंदाना पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज राजानी, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद पटवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
अवैध शराब नेटवर्क की जांच कराने की मांग
जीतू पटवारी ने कहा कि मुरैना, उज्जैन और सागर के बाद देवास में भी जहरीली शराब से मौतों की जानकारी सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित अवैध शराब का कारोबार कैसे जारी रहा और संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। पटवारी ने मांग की कि जांच में शराब के स्रोत, इसके कारोबार से जुड़े लोगों और संभावित प्रशासनिक लापरवाही का पता लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पानी या किसी अन्य संभावित कारण को लेकर उठ रहे सवालों की जांच वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
पीड़ित परिवारों को सहायता और न्याय दिलाने की मांग
पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने और मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाते रहने की बात कही। फिलहाल मौतों की आधिकारिक संख्या, उनके कारणों और जांच की स्थिति को लेकर प्रशासन की पुष्टि महत्वपूर्ण है।








