पीएम मोदी ने प्रदर्शनकारी छात्रों को किया माफ: जंतर-मंतर विवाद पर पीएम का बड़ा संदेश

Aarav Sharma
9 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ravi sinha
40 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Simran Arora
9 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Monika Das
13 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Pihu Agarwal
57 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Kunal Rao
2 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Yash Kulkarni
2 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Sonu rai
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ritika Ghosh
3 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Sneha Menon
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dhruv Bhatt
3 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Ananya Sharma
3 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Harsh Pandya
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vihaan Patel
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Pranav Srivastava
4 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kunal Rao
4 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Monika Das
4 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Pranav Srivastava
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Krishna Yadav
5 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Rohan Desai
6 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Rohan Desai
6 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Trapti Tanwar
6 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Neel Saxena
7 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Myra Dubey
7 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Payal jadon
7 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Simran Arora
7 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Navya Nair
7 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Pooja Reddy
8 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Arjun Singh
9 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित अभद्र टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ गुमराह युवाओं द्वारा उनके और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, लेकिन वे उन्हें सजा दिलाने के बजाय माफ करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से संयम और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।
युवाओं को समझाने पर दिया जोर
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवावस्था में कई बार भावनाओं में आकर गलतियां हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व युवाओं को अदालतों और पुलिस कार्रवाई की ओर धकेलने के बजाय सही दिशा दिखाना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे गलती से दांत जीभ को काट देता है तो दांत नहीं तोड़े जाते, उसी तरह अपने ही बच्चों को सुधारने का प्रयास होना चाहिए।
छात्रों के आक्रोश को समझने की बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर छात्रों में जो नाराजगी और चिंता है, उसे सरकार समझती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया। इन वीडियो के सामने आने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कानून और संवाद दोनों पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन भाषा और मर्यादा का पालन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि भटके हुए युवाओं को नफरत या प्रतिशोध की भावना से नहीं, बल्कि संवाद और मार्गदर्शन के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज
प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। समर्थकों ने इसे संवेदनशील और सकारात्मक संदेश बताया, जबकि विपक्षी दलों ने छात्र आंदोलन और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।






