पटना में NEET पर छात्रों का महाप्रदर्शन: NEET विवाद पर बिहार में सियासी उबाल

Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार की राजधानी पटना में हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। कारगिल चौक, डाक बंगला चौराहा और पटना यूनिवर्सिटी के आसपास विशाल विरोध मार्च निकाला गया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। राजधानी में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में मंत्रालय विफल रहा है। छात्रों ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। कई स्थानों पर शिक्षा मंत्री और NTA अधिकारियों के पुतले भी फूंके गए। आंदोलनकारियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस का एक्शन
राजभवन और सचिवालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पटना पुलिस ने कई स्थानों पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की थी। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की तो पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया। कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पूरे दिन कड़ी रही।
FIR और जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने घटना से जुड़े वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
विपक्षी दलों का छात्रों को समर्थन
इस आंदोलन को राष्ट्रीय जनता दल (RJD), AISA, SFI, NSUI और अन्य छात्र संगठनों का समर्थन मिला। विपक्षी नेताओं ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कई राजनीतिक दलों ने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग उठाई। आंदोलन को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है।
दोबारा परीक्षा और पारदर्शी जांच की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड और पूरे गिरोह का खुलासा करने की मांग भी उठाई। छात्रों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। बिहार में सामने आए शुरुआती सुरागों के कारण यह मुद्दा राज्य में और अधिक संवेदनशील बन गया है। अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर है।





