बांग्लादेश के राष्ट्रपति आज दे सकते हैं इस्तीफा: शेख हसीना से संबंधों के बीच बढ़ा दबाव

Vaishali shinde
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बांग्लादेश में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के शुक्रवार, 24 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने उनके इस्तीफे की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि शहाबुद्दीन अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के बीच में ही पद छोड़ेंगे। हालांकि, इस्तीफे की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने तक स्थिति पर अंतिम पुष्टि का इंतजार रहेगा।
शेख हसीना से पुराने संबंध बने इस्तीफे की वजह?
मोहम्मद शहाबुद्दीन को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का करीबी और लंबे समय से सहयोगी माना जाता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, हसीना के साथ उनके पुराने राजनीतिक संबंधों को लेकर मौजूदा सरकार की ओर से उन पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा। कुछ अधिकारियों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि सरकार कथित तौर पर इस बात से नाराज थी कि राष्ट्रपति ने हाल में शेख हसीना से दोबारा संपर्क स्थापित करने की कोशिश की थी। हालांकि, राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने इस्तीफे के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
स्पीकर की वापसी के बाद पूरी होगी इस्तीफे की प्रक्रिया
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर को सौंपना होता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। राष्ट्रपति के पद से हटने की स्थिति में नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संवैधानिक व्यवस्था के तहत स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं।
शेख हसीना की संभावित वापसी ने बढ़ाई राजनीतिक बेचैनी
राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है। रॉयटर्स के अनुसार, हसीना ने देश लौटने की योजना की बात कही है। उनकी वापसी और उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के सामने राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
शेख हसीना की सरकार के 2024 में सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया गया और पार्टी से जुड़े कई नेता एवं कार्यकर्ता जेल में हैं या सार्वजनिक जीवन से दूर हैं। ऐसे में यदि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन भी पद छोड़ते हैं, तो हसीना के साथ राजनीतिक रूप से जुड़े शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों में एक और महत्वपूर्ण नाम हट जाएगा।
विपक्षी नेता नाहिद इस्लाम ने की गिरफ्तारी की मांग
राष्ट्रपति के इस्तीफे की चर्चा के बीच नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेता नाहिद इस्लाम ने पहले भी राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। नाहिद इस्लाम का कहना है कि राष्ट्रपति को केवल इस्तीफा ही नहीं देना चाहिए, बल्कि पद छोड़ने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
बांग्लादेश की राजनीति पर पड़ सकता है बड़ा असर
मोहम्मद शहाबुद्दीन का संभावित इस्तीफा बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक समीकरण में एक अहम बदलाव माना जा रहा है। शेख हसीना की संभावित वापसी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और राष्ट्रपति के पद से हटने की खबरों के बीच देश की राजनीति एक बार फिर संवेदनशील दौर में पहुंच गई है। अब सबकी नजर राष्ट्रपति के इस्तीफे की औपचारिक घोषणा और उसके बाद बनने वाली संवैधानिक व्यवस्था पर टिकी है |







