Punjab Stubble Burning Crackdown: पंजाब में पराली जलाने पर सख्ती, 423 से ज्यादा FIR दर्ज

पंजाब में पराली जलाने पर सख्ती, 423 से ज्यादा FIR दर्ज
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पंजाब में पराली जलाने पर एक्शन: 423 से ज्यादा FIR दर्ज, किसानों पर 29 लाख का जुर्माना

पंजाब में धान की कटाई अंतिम दौर में है। किसान अगली फसल के तौर पर सब्जियां और उसके बाद गेहूं की बुआई करने के लिए खेतों को जल्द तैयार करना चाहते हैं। इसी वजह से धान की कटाई के बाद खेतों में बचे पराली के अवशेषों को आग के हवाले किया जा रहा है। पिछले चार दिनों में पंजाब में पराली जलाने के करीब 1,000 मामले सामने आए हैं। इसके चलते राज्य के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है।

 

 

संगरूर में स्मॉग की घनी चादर
TV9 भारतवर्ष की टीम जब सुबह पंजाब के संगरूर पहुंची तो वहां चारों तरफ स्मॉग की घनी चादर दिखाई दी। हालात ऐसे थे कि नेशनल हाईवे भी ठीक से नजर नहीं आ रहा था और आसमान में सूरज धुएं के बीच ढका हुआ दिखाई दिया।

पंजाब के कई जिलों में सड़कों के किनारे खेतों में जली हुई पराली के अवशेष नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ किसान पराली जलाने के बाद खेतों में ट्रैक्टर चलाकर जमीन जोत देते हैं, ताकि स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई के लिए सबूत न मिल सके।

 

 

धान कटाई के बाद पराली जलाने के मामलों में उछाल
पंजाब में धान की कटाई तेज होने के साथ ही पराली जलाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 3 नवंबर को राज्य में एक ही दिन में पराली जलाने के 584 नए मामले सामने आए। इसके बाद 15 सितंबर से अब तक कुल आधिकारिक मामले बढ़कर 2,196 हो गए हैं।

खेतों से उठ रहे धुएं के कारण पंजाब के प्रमुख शहरों की हवा भी प्रभावित हुई है। कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब स्तर पर पहुंच गया है।

 

 

कई शहरों में AQI चिंताजनक स्तर पर
पंजाब के औद्योगिक और बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। खन्ना में AQI 293 तक पहुंच गया है, जबकि लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों में औसत AQI 200 से 250 के पार खराब श्रेणी में बना हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं की धीमी गति के कारण पराली का धुआं और स्मॉग स्थानीय वातावरण में जमा हो गया है। इससे प्रदूषण का असर और बढ़ रहा है।

 

 

29 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना
पराली जलाने पर प्रशासन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अब तक 573 से अधिक मामलों में 29 लाख रुपये से ज्यादा का पर्यावरण मुआवजा यानी जुर्माना लगाया जा चुका है।

इसके अलावा पराली जलाने की घटनाओं को लेकर 423 से ज्यादा आधिकारिक FIR दर्ज की गई हैं। प्रशासन की ओर से पराली जलाने पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

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