OPS Demand Gains Momentum: कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन पर खोला मोर्चा

कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन पर खोला मोर्चा
प्रतिक्रियाएँ
Krishna Yadav

Krishna Yadav

0 सेकंड पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

22 मिनट पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

1 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

2 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

3 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

4 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Neel Saxena

Neel Saxena

5 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

CommentsReactionsFeedback

सरकारी कर्मचारियों के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS की बहाली की मांग एक बार फिर चर्चा में है। मध्य प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन व्यवस्था को वापस लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। हरियाणा में अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान कर्मचारी संगठनों ने OPS बहाली के लिए जिला स्तर पर संकल्प मार्च और अभियान भी चलाया। इससे साफ है कि OPS का मुद्दा अभी भी कर्मचारी संगठनों के प्रमुख एजेंडे में बना हुआ है।


मध्य प्रदेश में अभी कोई नया OPS फैसला नहीं
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पेंशन विभाग की वेबसाइट पर पेंशन नियमों और NPS से संबंधित जानकारी उपलब्ध है, लेकिन उपलब्ध ताजा आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य सरकार की ओर से सभी नए कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने का कोई नया निर्णय दिखाई नहीं देता। विभाग की वेबसाइट पर 12 सितंबर 2026 तक नियम और NPS से संबंधित सामग्री अपडेट है। इसलिए फिलहाल मध्य प्रदेश में OPS बहाली को सरकारी फैसला बताना सही नहीं होगा।


प्री-2003 रिक्तियों वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी मांग
OPS को लेकर केंद्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मांग सितंबर में सामने आई है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी यानी NC-JCM ने सरकार के सामने मांग रखी है कि ऐसे केंद्रीय कर्मचारी भी OPS के दायरे में आएं, जिनकी भर्ती जिन पदों के लिए हुई थी वे रिक्तियां 22 दिसंबर 2003 से पहले स्वीकृत थीं, लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति बाद में हुई। NC-JCM का तर्क है कि OPS की पात्रता तय करते समय नियुक्ति की तारीख के बजाय संबंधित रिक्ति के स्वीकृत होने की तारीख को आधार बनाया जाना चाहिए।

 

NPS और OPS में क्या है अंतर
केंद्र सरकार में NPS नई पेंशन व्यवस्था के रूप में 1 जनवरी 2004 से लागू हुई थी और यह पहले की निश्चित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था की जगह लाई गई थी। इसके तहत पेंशन का ढांचा योगदान और निवेश से जुड़ा है। दूसरी ओर, OPS पुरानी निश्चित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था है। केंद्र सरकार ने NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2025 से Unified Pension Scheme यानी UPS का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इसलिए वर्तमान बहस में OPS, NPS और UPS तीनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।


8वें वेतन आयोग के बीच भी उठ रही पेंशन की मांग
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया के बीच कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन और पेंशन से जुड़ी कई मांगें सामने आ रही हैं। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रखे हैं, जबकि पेंशनभोगी संगठन भी पेंशन से जुड़े मुद्दों पर सरकार और आयोग से स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। हालांकि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया को OPS की बहाली का फैसला मानना सही नहीं होगा, क्योंकि OPS पर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर ही होगा।


फिलहाल मांग और आंदोलन जारी, फैसला बाकी
OPS को लेकर मौजूदा स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारी संगठनों की मांग और सरकार के आधिकारिक फैसले को अलग-अलग देखा जाए। कई राज्यों में OPS बहाली के लिए आंदोलन और अभियान जारी हैं, जबकि केंद्र स्तर पर भी कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों को OPS में शामिल करने की मांग उठ रही है। मध्य प्रदेश के मामले में फिलहाल OPS की सार्वभौमिक बहाली का कोई नया आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में कर्मचारियों की मांग जरूर तेज है, लेकिन OPS बहाली पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

 

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Krishna Yadav

Krishna Yadav

0 सेकंड पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

22 मिनट पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

1 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

2 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

3 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

4 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Neel Saxena

Neel Saxena

5 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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