Delhi Lok Adalat Postponed: BRICS Summit के चलते आज नहीं होगी लोक अदालत

BRICS Summit के चलते आज नहीं होगी लोक अदालत
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Monika Das

Monika Das

23 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aditya Verma

Aditya Verma

9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Payal jadon

Payal jadon

10 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

12 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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दिल्ली में 12 सितंबर 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को स्थगित कर दिया गया है। राजधानी में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन के चलते भारी वीवीआईपी मूवमेंट, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रतिबंध लागू हैं। इसी वजह से दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों ने लोक अदालत की तारीख में बदलाव किया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर BRICS Summit के कारण लोक अदालत की नई तारीख से जुड़ी एडवाइजरी जारी की है। ऐसे में 12 सितंबर को लोक अदालत में पहुंचने की तैयारी कर रहे लोगों को अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ना होगा।


लोक अदालत की तारीख में हुआ बदलाव
दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत पहले 12 सितंबर को आयोजित होनी थी, लेकिन BRICS सम्मेलन के कारण इसे पहले 10 अक्टूबर 2026 के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था। इसके बाद ताजा जानकारी में आयोजन की तारीख को आगे बढ़ाकर 25 अक्टूबर 2026 किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इस बदलाव का असर लंबित मामलों और ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए लोक अदालत का इंतजार कर रहे लोगों पर पड़ेगा। इसलिए जिन लोगों ने 12 सितंबर की तारीख के लिए अपने मामलों या चालान के निपटारे की तैयारी की थी, उन्हें संशोधित तारीख और संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को जरूर देखना चाहिए।


ट्रैफिक चालान का निपटारा भी नई तारीख पर
राष्ट्रीय लोक अदालत में पात्र और कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालानों के निपटारे की सुविधा भी शामिल रहती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और DSLSA की जानकारी के अनुसार वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर लंबित और निर्धारित अवधि तक के पात्र चालानों को लोक अदालत में लिया जाएगा। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून 2026 तक लंबित पात्र कंपाउंडेबल चालान इस प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे। ऐसे वाहन मालिक जिन्हें लोक अदालत के जरिए चालान निपटाने की उम्मीद थी, उन्हें नई तारीख से पहले चालान और स्लिप से संबंधित आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

 

चालान स्लिप डाउनलोड करने की नई व्यवस्था
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए चालान स्लिप डाउनलोड करने की सुविधा भी निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। ताजा जानकारी के अनुसार अब 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लोक अदालत पोर्टल के जरिए पात्र चालान की स्लिप डाउनलोड की जा सकेगी। इस सुविधा पर प्रतिदिन 50 हजार चालानों की सीमा और कुल 2 लाख चालानों की सीमा बताई गई है। इसलिए वाहन मालिकों को नई तारीख से पहले आधिकारिक पोर्टल की सूचना देखते रहना चाहिए, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग एक साथ स्लिप डाउनलोड करने की कोशिश कर सकते हैं।


कोर्ट जाने से पहले तारीख जरूर जांचें
BRICS Summit के चलते दिल्ली की अदालतों और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कोर्ट या किसी जरूरी स्थान पर जाने से पहले संबंधित तारीख और ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी जरूर जांच लें। 12 और 13 सितंबर को BRICS सम्मेलन के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था की गई है। ऐसे में बिना अपडेट देखे अदालत या अन्य सरकारी कार्यालय पहुंचने पर लोगों को परेशानी हो सकती है।


नई तारीख को लेकर आधिकारिक अपडेट जरूर देखें
दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत की तारीख को लेकर अलग-अलग चरणों में बदलाव की जानकारी सामने आई है, इसलिए लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अंतिम और लागू कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक DSLSA या दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से करें। फिलहाल ताजा रिपोर्टिंग में 25 अक्टूबर 2026 की तारीख बताई जा रही है, जबकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक पुराने आधिकारिक एडवाइजरी पेज पर 10 अक्टूबर की तारीख दर्ज है। इसलिए प्रकाशन के समय इसे 25 अक्टूबर की ताजा रिपोर्टेड तारीख के रूप में बताया जा सकता है, लेकिन पाठकों को अंतिम कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह देना जरूरी है।

 

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Monika Das

Monika Das

23 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aditya Verma

Aditya Verma

9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Payal jadon

Payal jadon

10 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

12 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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