Ganesh Chaturthi 2026 Begins: गणपति बप्पा का आज भव्य आगमन

Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Aarav Sharma
15 मिनट पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Myra Dubey
1 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Payal jadon
1 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Simran Arora
1 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Navya Nair
3 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Nidhi kumari
5 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Krishna Yadav
5 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
देशभर में सोमवार 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है और सुबह से ही गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में गणेश मंडलों ने भव्य सजावट की है और श्रद्धालु ढोल-ताशों के साथ बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। परंपरागत रूप से यह उत्सव गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है और इस दौरान अलग-अलग परिवार अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच, सात या अंतिम दिन प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। दिल्ली के लिए गणपति स्थापना और मध्याह्न पूजा का प्रमुख शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है। श्रद्धालु इस अवधि में विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। हालांकि अलग-अलग शहरों में पंचांग और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन को उमड़ी भीड़
गणेश चतुर्थी के मौके पर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गई और बप्पा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। लालबागचा राजा गणेशोत्सव मुंबई के सबसे प्रसिद्ध सार्वजनिक गणेश आयोजनों में शामिल है और इस वर्ष भी 14 से 25 सितंबर तक उत्सव आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और ऑनलाइन प्रसारण से जुड़े इंतजाम भी किए गए हैं।
पूजा और धार्मिक मान्यताओं का विशेष महत्व
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। श्रद्धालु घरों और पंडालों में प्रतिमा स्थापित कर पूजा, आरती और भोग अर्पित करते हैं तथा सुख-समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा भी है। इस वर्ष पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्र दर्शन निषिद्ध बताया गया है।
इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं पर जोर
गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता बढ़ रही है। कई श्रद्धालु और आयोजन समितियां मिट्टी से बनी तथा पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। छोटे आकार की मिट्टी की प्रतिमाओं के घरेलू विसर्जन और प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल को पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। सार्वजनिक आयोजनों में भी विसर्जन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है।
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर होगा समापन
गणेशोत्सव का प्रमुख समापन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ होगा। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकाली जाएंगी और श्रद्धालु बप्पा को अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ विदाई देंगे। हालांकि कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार स्थापना के कुछ दिनों बाद ही विसर्जन कर देते हैं। इस तरह गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ भक्तिमय उत्सव अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग अवधि में मनाया जाएगा और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ इसका मुख्य पर्व समाप्त होगा।





