मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल: 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म, मरीज की मौत

Pihu Agarwal
5 मिनट पहलेHum is cause ke saath hain!
Aryan Malhotra
6 मिनट पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Payal jadon
58 मिनट पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Vivaan Gupta
1 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Anjali Patil
1 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Krishna Yadav
1 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Riya Jain
1 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Monika Das
2 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Navya Nair
2 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Trapti Tanwar
3 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aarav Sharma
3 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Rohan Desai
3 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Harsh Pandya
3 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Ayaan Khan
3 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Myra Dubey
4 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Aarohi Chaudhary
4 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Sai Mehta
5 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Kavya Mishra
5 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Ritika Ghosh
5 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Diya Gupta
5 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Kabir Shukla
5 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Aarav Sharma
6 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Anika Rajput
6 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Sneha Menon
7 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Ritika Ghosh
8 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Kavya Mishra
8 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Monika Das
8 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
मध्य प्रदेश के मंडला जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरैया की कथित तौर पर 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सप्लाई समाप्त हो जाने के बाद मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अस्पताल पहुंचने से पहले थम गईं सांसें
जानकारी के अनुसार, सुनहरा माल गांव निवासी अजीत बरैया लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। 27 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले बाहमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद मंडला जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस देर से पहुंची और जिला अस्पताल से लगभग तीन किलोमीटर पहले ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह खाली हो गया, जिससे रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध हो जाती और उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन होती, तो अजीत की जान बचाई जा सकती थी। उनका आरोप है कि सफर के दौरान ऑक्सीजन प्रेशर गेज शून्य पर पहुंच गया और मरीज ऑक्सीजन के अभाव में तड़पता रहा। घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। वीडियो में कथित तौर पर एम्बुलेंस के ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रेशर मीटर शून्य दिख रहा है। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का निर्णय लिया और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की।
चार सदस्यीय जांच समिति का गठन
मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. डी. जे. मोहंती ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति एम्बुलेंस सेवा, ऑक्सीजन उपलब्धता, रेफरल प्रक्रिया और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।
एम्बुलेंस प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन निजी एजेंसी के माध्यम से किया जाता है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में ऑक्सीजन रीफिलिंग, रखरखाव या संचालन में लापरवाही साबित होती है तो संबंधित एजेंसी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।






