भिवंडी में इमारत ढही, 3 की मौत: मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

Ada khan
5 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Aryan Malhotra
5 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Dhruv Bhatt
5 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Aarav Sharma
6 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Simran Arora
6 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Kabir Shukla
6 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Dhruv Bhatt
6 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Priya Iyer
6 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Ada khan
7 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Saanvi Pandey
7 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Navya Nair
8 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aarohi Chaudhary
8 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Aarohi Chaudhary
8 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Taushif Shekh
9 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Vaishali shinde
9 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Nidhi kumari
9 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nisha Shah
10 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Taushif Shekh
10 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Arjun Singh
10 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Kavya Mishra
10 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Ishaan Tiwari
10 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Saanvi Pandey
11 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Ritika Ghosh
11 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Arjun Singh
11 घंटे पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Sai Mehta
11 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Saanvi Pandey
12 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Kunal Rao
12 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आने वाले पावरलूम शहर भिवंडी के बालाजी नगर (गंगारामवाड़ी) इलाके में स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुरुवार देर रात अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय लोग अपने घरों में मौजूद थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत गिरने के बाद धूल का घना गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। राहत और बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है।
तीन लोगों की मौत, कई अब भी लापता
इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एक महिला और एक बच्चे समेत कुछ घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार अभी भी सात से आठ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका बनी हुई है। राहत दल लगातार मलबा हटाकर खोज अभियान चला रहा है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन हर पल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
NDRF और TDRF का युद्धस्तरीय रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, TDRF, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव कार्य में स्निफर डॉग, जेसीबी, पोकलेन मशीनें और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की हरसंभव कोशिश जारी है। मेडिकल टीम और एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात हैं। राहत अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है।
पहले से जर्जर घोषित थी इमारत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भिवंडी-निजामपुर नगर निगम (BNCMC) ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया था। भवन को खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। अधिकांश परिवार यहां से जा चुके थे, लेकिन कुछ लोग अब भी इमारत में रह रहे थे। हादसे के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
मरम्मत के दौरान हादसे की आशंका
स्थानीय लोगों का दावा है कि हादसे के समय इमारत में मरम्मत का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि एक पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद पूरी संरचना कमजोर हो गई। इसी कारण इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण, रखरखाव या मरम्मत में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। राहत कार्य पूरा होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे ने एक बार फिर जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




