असम में बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त: 78 मौतें, 3 लाख से ज्यादा प्रभावित

Anil Sen
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kunal Rao
5 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Monika Das
5 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Neel Saxena
6 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Sneha Menon
6 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Dev Kapoor
7 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Monika Das
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Harsh Pandya
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Payal jadon
9 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Rohan Desai
9 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Reyansh Joshi
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Dhruv Bhatt
9 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ravi sinha
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Pooja Reddy
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aarohi Chaudhary
9 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Neha Tripathi
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Krishna Yadav
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Anjali Patil
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ada khan
11 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Trapti Tanwar
11 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sneha Menon
11 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sai Mehta
11 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Monika Das
11 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Shruti Bajpai
11 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के सात जिले भीषण जलभराव की चपेट में हैं, जहां लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। कई इलाकों का सड़क संपर्क टूट चुका है और दैनिक जीवन पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।
मृतकों का आंकड़ा 78 पहुंचा, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार बाढ़ और उससे जुड़े हादसों में अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के सात जिलों में तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में विस्थापित लोगों को भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटा है।
551 गांव जलमग्न, चराइदेव और शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ के कारण राज्य के लगभग 551 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं। चराइदेव और शिवसागर जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में घर और सड़कें जलमग्न हैं। गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, बिस्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थानीय प्रशासन नावों के जरिए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है।
सेना, NDRF और SDRF का राहत अभियान जारी
भारतीय सेना, NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। मोटरबोट और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्यभर में 71 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां हजारों विस्थापित लोगों ने शरण ली है। चिकित्सा दल भी राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कृषि और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। बड़ी संख्या में पशुधन भी बाढ़ की चपेट में आया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। कृषि विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत वितरण का कार्य जारी है।
मौसम विभाग का अलर्ट, खतरा अभी बरकरार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम और आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।




