Karwa Chauth Puja Items: करवा चौथ पूजा थाली में जरूर रखें ये जरूरी चीजें

Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Monika Das
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
करवा चौथ की पूजा थाली में रखें जरूरी सामग्री
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ रखती हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, व्रत की शुरुआत सरगी खाने से होती है और इसका समापन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। पूजा के समय किसी जरूरी वस्तु की कमी न हो, इसके लिए पहले से थाली तैयार कर लेना सुविधाजनक रहता है। पूजा थाली में जल से भरा करवा और उसे ढकने के लिए करवी, छलनी, ताजे फूल, धूपबत्ती, कपूर, माचिस, देसी घी, दीपक, रोली और साबुत अक्षत जरूर रख लें।
मिठाई, पानी और चंद्र दर्शन की तैयारी
पूजा की थाली में मिठाई और पानी का गिलास भी शामिल करें। पारंपरिक रीति के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देने और छलनी से चंद्र दर्शन करने के बाद महिलाएं अपने पति को देखती हैं। इसके बाद व्रत खोलने के लिए मिठाई खाई जाती है और पानी पिया जाता है। पूजा से पहले सभी सामग्री एक जगह रखने से चंद्रोदय के समय भागदौड़ से बचा जा सकता है। व्रत और पूजा की विधि परिवार की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, इसलिए अपनी प्रचलित रीति का भी ध्यान रखें।
29 अक्टूबर को करवा चौथ, चंद्रोदय का बताया गया समय
दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, वर्ष 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 39 मिनट बताया गया है। चंद्रमा को अर्घ्य देना इस व्रत की प्रमुख रस्मों में शामिल है। चंद्रोदय का वास्तविक समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर के लिए स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय कैलेंडर से समय की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। इससे पूजा की तैयारी समय पर करने में मदद मिलेगी।
करवा चौथ पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने या पढ़ने की भी परंपरा है। इस दिन परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने, वाद-विवाद से बचने तथा सास द्वारा दी गई सरगी और सुहाग की सामग्री का सम्मान करने की सलाह दी जाती है। इन बातों को धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं के रूप में समझना चाहिए। पूजा से पहले सामग्री की सूची जांच लें और अपने परिवार में प्रचलित रीति के अनुसार व्रत की तैयारी करें।








