रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास: भावुक हुए दिग्गज; पुजारा से धवन तक ने दी शुभकामनाएं

Nisha Shah
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Trapti Tanwar
1 घंटे पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समेत क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय रहाणे ने गुरुवार, 30 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहा। भारत के लिए उन्होंने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और 2023 में अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला खेला।
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। शांत स्वभाव, तकनीकी मजबूती और मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।
ऑस्ट्रेलिया दौरा बना करियर का सबसे यादगार अध्याय
अजिंक्य रहाणे के करियर को सबसे ज्यादा याद किया जाएगा 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम के 36 रन पर ऑलआउट होने और नियमित कप्तान विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न में रहाणे ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार शतक जड़ा और भारत को वापसी दिलाई। इसके बाद उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दी। इस जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार विदेशी जीतों में गिना जाता है।
पुजारा ने कहा- ऐसे करियर पर गर्व कर सकते हैं रहाणे
रहाणे के संन्यास के बाद उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। पुजारा ने सोशल मीडिया पर रहाणे के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने को अपने लिए सम्मान बताया और कहा कि रहाणे अपने शानदार करियर पर गर्व कर सकते हैं।
पुजारा ने उनकी नई पारी के लिए उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए लंबे समय तक एक साथ महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं।
BCCI ने बताया भारतीय क्रिकेट के शानदार अध्याय का अंत
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी रहाणे के संन्यास पर प्रतिक्रिया दी। बोर्ड ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और भारतीय क्रिकेट में दिए योगदान को याद करते हुए कहा कि एक शानदार करियर का अंत हुआ है। BCCI ने रहाणे को भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान और कई यादगार पलों के लिए धन्यवाद देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सहवाग ने विदेशी धरती पर रहाणे के जुझारूपन को किया सलाम
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने रहाणे को भारत के सबसे कम आंके गए क्रिकेटरों में से एक बताया। उन्होंने विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत का जिक्र करते हुए रहाणे के शांत लेकिन मजबूत व्यक्तित्व की तारीफ की। सहवाग के मुताबिक रहाणे ने कभी मैदान पर अनावश्यक शोर नहीं किया, बल्कि अपने प्रदर्शन से जवाब दिया और मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए खड़े रहे।
पीवी सिंधू ने याद की लॉर्ड्स की ऐतिहासिक 103 रन की पारी
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने भी रहाणे को संन्यास के बाद की जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दीं। सिंधू ने विशेष रूप से 2014 में लॉर्ड्स के मैदान पर खेली गई रहाणे की 103 रन की पारी को याद किया।
यह पारी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में आई थी और भारत की यादगार जीत की नींव रखने में महत्वपूर्ण साबित हुई थी। लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले रहाणे का यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की खास पारियों में शामिल रहा।
शिखर धवन ने रहाणे के संयम और भरोसेमंद अंदाज को सराहा
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी रहाणे के शांत स्वभाव की तारीफ की। धवन ने कहा कि रहाणे को उन्होंने कप्तान और टीम साथी दोनों भूमिकाओं में बेहद संयमित और भरोसेमंद देखा। उन्होंने कहा कि रहाणे बाहर से हमेशा शांत नजर आते थे, लेकिन अंदर से भारत के लिए लड़ने का जज्बा रखते थे। धवन ने उनके जीवन के अगले अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुंबई क्रिकेट के लिए रहाणे रहे शानदार दूत
मुंबई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने रहाणे के संन्यास को भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत बताया। उन्होंने कहा कि दबाव में शांत रहने की क्षमता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की प्रतिबद्धता ने रहाणे को मुंबई क्रिकेट के बेहतरीन दूतों में शामिल किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रहाणे की विरासत आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
विदेशी पिचों पर रहाणे की पांच यादगार टेस्ट पारियां
रहाणे का टेस्ट करियर कई महत्वपूर्ण विदेशी पारियों से भरा रहा। इनमें 2013 में डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 96 रन, 2014 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 118 रन, मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 147 रन, लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन और 2020 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन विशेष रूप से याद किए जाते हैं। इन पारियों ने मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में रहाणे की तकनीक, धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता को साबित किया।
तीनों फॉर्मेट में की भारतीय टीम की कप्तानी
रहाणे ने भारत की तीनों फॉर्मेट में कप्तानी भी की। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने छह मुकाबलों में भारत की कमान संभाली, जिसमें टीम ने चार मैच जीते और दो मुकाबले ड्रॉ रहे। वनडे में उन्होंने तीन मैचों में कप्तानी की और भारत ने तीनों मुकाबले जीते।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में रहाणे ने दो मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया, जिसमें एक जीत और एक हार मिली।
IPL में भी कई टीमों का हिस्सा रहे रहाणे
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा रहाणे ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी लंबा सफर तय किया। वह राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों का हिस्सा रहे।
IPL में उन्होंने 212 मैचों में 5,367 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और 35 अर्धशतक निकले। उन्होंने पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी भी की थी।
शांत कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में याद किए जाएंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों से कहीं ज्यादा उनकी मुश्किल परिस्थितियों में दिखाई गई दृढ़ता के लिए याद किया जाएगा। खासकर ऑस्ट्रेलिया में उनकी कप्तानी और लॉर्ड्स व मेलबर्न जैसी विदेशी परिस्थितियों में खेली गई पारियां भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेंगी।
रहाणे ने भले ही क्रिकेट के मैदान से विदाई ले ली हो, लेकिन उनका शांत नेतृत्व, संघर्षशील रवैया और विदेशी पिचों पर प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनकी खास जगह बनाए रखेगा।






