कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन जारी: . भारत के खाते में 12 पदक, टॉप-10 में मजबूत जगह

Ritika Ghosh
1 हफ्ते पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Neha Tripathi
1 हफ्ते पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Aditya Verma
1 हफ्ते पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Arjun Singh
1 हफ्ते पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Ritika Ghosh
1 हफ्ते पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Pooja Reddy
1 हफ्ते पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Ayaan Khan
1 हफ्ते पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Reyansh Joshi
1 हफ्ते पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
Anika Rajput
1 हफ्ते पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Taushif Shekh
1 हफ्ते पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Vivaan Gupta
1 हफ्ते पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Tanya Bajaj
1 हफ्ते पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Aryan Malhotra
1 हफ्ते पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदकों का आंकड़ा छू लिया। भारत के खाते में अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदक आ चुके हैं। इस प्रदर्शन के दम पर भारतीय दल पदक तालिका में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है और आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। भारतीय दल हर खेल में दमदार चुनौती पेश कर रहा है।
मीराबाई चानू ने दिलाया पहला गोल्ड
स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ गोल्ड अपने नाम किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। उनकी इस सफलता से पूरे भारतीय दल का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है। देशभर में उनकी उपलब्धि की सराहना हो रही है।
शर्मिला ढाका ने पैरा एथलेटिक्स में रचा इतिहास
महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में पैरा एथलीट शर्मिला ढाका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने कठिन मुकाबले में बेहतरीन थ्रो करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस जीत ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स को नई पहचान दी है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है। यह पदक भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक सिल्वर
पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने इतिहास रचते हुए रजत पदक अपने नाम किया। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले वे पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उन्होंने पूरी रेस में शानदार रणनीति और जबरदस्त फिटनेस का प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाई दी है। खेल जगत में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है।
हरजिंदर कौर ने बढ़ाया भारत का गौरव
महिला 69 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में हरजिंदर कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों राउंड में उन्होंने बेहतरीन लिफ्ट लगाई। कड़े मुकाबले के बावजूद उन्होंने भारत के लिए महत्वपूर्ण पदक हासिल किया। उनकी सफलता से वेटलिफ्टिंग में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है। टीम इंडिया के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बॉक्सिंग में चार और पदक पक्के
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, प्रीति पवार, प्रिया और जादुमणी सिंह ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचते ही पदक सुनिश्चित हो जाता है। इससे भारत के कम से कम चार और पदक पक्के हो गए हैं। अब सभी की नजर इन मुक्केबाजों पर है कि वे अपने पदकों का रंग स्वर्ण में बदल पाते हैं या नहीं। भारतीय दल से आगे भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।






