मीराबाई चानू ने जीता भारत का पहला गोल्ड: कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई की गोल्डन हैट्रिक

Diya Gupta
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेYeh result unexpected tha lekin great effort!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh match bahut rochak tha, enjoyed it!
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेPoori team ko dil se congratulations!
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के ग्लासगो संस्करण में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह मौजूदा खेलों में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। मीराबाई ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस जीत से भारत ने पदक तालिका में शानदार शुरुआत की।
लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्डन हैट्रिक
मीराबाई चानू ने 2018, 2022 और अब 2026 में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्डन हैट्रिक पूरी कर ली। ऐसा करने वाली वह भारत की सबसे सफल महिला वेटलिफ्टरों में शामिल हो गई हैं। इस उपलब्धि ने भारतीय खेल इतिहास में उनका नाम और मजबूत कर दिया है। खेल विशेषज्ञों ने इसे भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।
रिकॉर्ड प्रदर्शन से जीता स्वर्ण
चानू ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाया। कुल 190 किलोग्राम भार के साथ उन्होंने नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी बनाया। पूरे मुकाबले में उनके किसी भी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने उनके प्रदर्शन को चुनौती नहीं दी। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत को गर्व का अवसर दिया।
जीत के पीछे तीन दिन का कठिन संघर्ष
स्वर्ण पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू ने बताया कि अपने वजन वर्ग में बने रहने के लिए उन्होंने लगातार तीन दिन तक खाना और पानी नहीं लिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए पदक जीतना उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य था और उसी के लिए उन्होंने यह कठिन त्याग किया। उनके इस बयान ने पूरे देश को भावुक कर दिया।
भारत की शानदार शुरुआत, रजत भी आया
वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भारत की शुरुआत बेहद शानदार रही। मीराबाई चानू के स्वर्ण पदक के साथ पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने भी रजत पदक अपने नाम किया। इससे शुरुआती दिनों में ही भारत के पदकों की संख्या बढ़ी और टीम इंडिया का मनोबल मजबूत हुआ।
पूरे देश में जश्न, बधाइयों की बौछार
मीराबाई चानू की ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल जगत, पूर्व खिलाड़ियों और राजनीतिक नेताओं ने उन्हें बधाई दी। सोशल मीडिया पर उनकी उपलब्धि की जमकर सराहना हुई। भारतीय दल को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अन्य खिलाड़ी भी पदकों की संख्या बढ़ाएंगे और देश का गौरव बढ़ाएंगे।







