Gadkari skips inauguration: हाईवे में देरी पर गडकरी ने जताई नाराजगी

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे यानी NH-66 के चौड़ीकरण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। गोवा के पोरवोरिम में 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि इस परियोजना में हुई देरी को लेकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। गडकरी ने साफ कहा कि उन्होंने अब इस हाईवे के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना को पूरा करने में काफी समय लग चुका है और काम की रफ्तार को लेकर वह संतुष्ट नहीं हैं।
93-94% काम पूरा, फिर भी कई हिस्से बाकी
गडकरी ने बताया कि उन्हें एक दिन पहले हुई बैठक में जानकारी दी गई कि मुंबई-गोवा हाईवे का करीब 93 से 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। हालांकि महत्वपूर्ण हिस्सों में अभी भी काम बाकी है और इसी वजह से पूरी परियोजना को लेकर सवाल बने हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इंदापुर और माणगांव के बाईपास तथा चिपलून फ्लाईओवर जैसे कुछ काम अभी अधूरे हैं। नागोठणे में नए पुल से जुड़े तकनीकी मुद्दे ने भी परियोजना की चुनौतियां बढ़ाई हैं।
अक्टूबर में मुंबई से गोवा तक करेंगे सफर
गडकरी ने कहा कि अक्टूबर में वह मुंबई एयरपोर्ट पर उतरकर कार से मुंबई-गोवा हाईवे के रास्ते गोवा जाएंगे। इस दौरान वह खुद सड़क की स्थिति और परियोजना की प्रगति का जायजा लेंगे। उनका कहना है कि इस निरीक्षण से यह समझने में मदद मिलेगी कि हाईवे का कितना काम वास्तव में पूरा हुआ है और किन हिस्सों में अभी सुधार की जरूरत है। मंत्री के इस ऐलान को परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा पर सीधे निगरानी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
गडकरी ने देरी और खराब गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों तथा अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय एक साल में सबसे ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और डिबार करने तथा अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बना सकता है। गडकरी ने साफ किया कि काम में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका जोर समय पर काम पूरा करने के साथ-साथ सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी रहा।
भूमि अधिग्रहण और मंजूरियों ने बढ़ाई मुश्किलें
मुंबई-गोवा हाईवे परियोजना में देरी के पीछे भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुख कारणों में गिना जाता रहा है। परियोजना के अलग-अलग हिस्सों का काम अलग समय पर शुरू हुआ और कई पैकेजों में समयसीमा आगे बढ़ती रही। रिपोर्टों के मुताबिक मुंबई-गोवा कॉरिडोर का महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर का है, जिसमें अलग-अलग एजेंसियों की जिम्मेदारी है। इन चुनौतियों के कारण पूरी परियोजना को तय समय पर पूरा करना मुश्किल हुआ।
पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन
गडकरी ने ये टिप्पणियां गोवा के पोरवोरिम में 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान कीं। करीब 5.15 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण लगभग 641 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसके शुरू होने से पोरवोरिम और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने तथा मापुसा-पणजी यात्रा समय घटने की उम्मीद है। इसी कार्यक्रम में गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे की देरी को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी और परियोजना में जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।






