New Car Safety Rules: कारों में AEBS अनिवार्य करने की तैयारी, सरकार का बड़ा प्लान

Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
कारों में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम अनिवार्य करने की तैयारी
केंद्र सरकार कारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) से जुड़े नए नियम लाने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने Automatic Emergency Braking System (AEBS) को अनिवार्य करने के प्रस्ताव वाला मसौदा जारी किया है। यह सिस्टम सामने संभावित टक्कर का खतरा पहचानकर अपने आप ब्रेक लगाने में मदद करता है। प्रस्ताव के तहत अक्टूबर 2030 से नए M1 श्रेणी के कार मॉडल और अक्टूबर 2032 तक पहले से बन रहे M1 श्रेणी के कार मॉडल में भी यह सुविधा जरूरी की जा सकती है। फिलहाल यह प्रस्तावित नियम है, अंतिम फैसला नहीं।
AEBS कैसे काम करेगा और कब लागू हो सकते हैं नियम
AEBS सेंसर और अन्य तकनीकों की मदद से सामने मौजूद वाहनों या संभावित टक्कर के खतरे का पता लगाकर ब्रेक लगाने में सहायता करता है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना या टक्कर होने पर उसके प्रभाव को कम करना है। प्रस्ताव के अनुसार, 1 अक्टूबर 2028 से AEBS से लैस M1 श्रेणी की यात्री कारों और N1 श्रेणी के हल्के मालवाहक वाहनों के लिए संबंधित मानक लागू करने की योजना है। इसके बाद 1 अक्टूबर 2030 से नए M1 कार मॉडल और 1 अक्टूबर 2032 से मौजूदा मॉडल पर नियम लागू करने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह तकनीक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देती और ड्राइवर की सतर्कता जरूरी बनी रहेगी।
स्टीयरिंग, लेन और भारी वाहनों की सुरक्षा पर भी जोर
सरकार कारों के स्टीयरिंग नियंत्रण और लेन से जुड़े सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। प्रस्ताव में अक्टूबर 2027 से स्टीयरिंग संबंधी कुछ मानक लागू करने की बात कही गई है। वहीं, अक्टूबर 2029 से कुछ यात्री वाहनों में स्टीयरिंग और लेन नियंत्रण से जुड़े सिस्टम तथा ड्राइवर को नींद आने या ध्यान भटकने पर चेतावनी देने वाली सुविधाएं अनिवार्य की जा सकती हैं। ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों के लिए भी जनवरी 2027 से नए मॉडल में AEBS सहित कुछ सुरक्षा सुविधाएं लागू करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, अक्टूबर 2027 से ट्रकों में ब्रेकिंग मानकों और Electronic Stability Control (ESC) से संबंधित नियम भी लागू किए जा सकते हैं।
V2V तकनीक से गाड़ियों के बीच होगा सूचना का आदान-प्रदान
प्रस्ताव में 1 अक्टूबर 2028 से नई बनने वाली सभी गाड़ियों में Vehicle-to-Vehicle (V2V) तकनीक अनिवार्य करने पर भी विचार किया गया है। इस तकनीक के जरिए वाहन अपनी गति, स्थिति और दिशा जैसी जानकारियां एक-दूसरे के साथ साझा कर सकेंगे, जिससे सड़क पर मौजूद अन्य वाहनों के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकती है। मंत्रालय ने फिलहाल इन बदलावों का मसौदा जारी कर लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और वाहन चालकों तथा यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है।








