WhatsApp Diwali Scam Safety: दिवाली 2026 पर WhatsApp स्कैम से बचाएंगे ये 5 फीचर्स

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दिवाली पर ऑनलाइन ठगी का खतरा बढ़ सकता है
दिवाली 2026 के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग, डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स के बीच साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। फर्जी गिफ्ट, मुफ्त कूपन, नकली पेमेंट लिंक और पार्सल डिलीवरी के नाम पर WhatsApp पर संदिग्ध मैसेज भेजे जा सकते हैं। कुछ मामलों में लोगों को APK फाइल डाउनलोड करने, अनजान लिंक खोलने या गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए उकसाया जाता है। ऐसे में किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जांच करना और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
पहला फीचर: अनजान कॉल को करें साइलेंट
WhatsApp का Silence Unknown Callers फीचर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को साइलेंट करने में मदद करता है। इससे संदिग्ध कॉल से होने वाली परेशानी कम हो सकती है, हालांकि कॉल की जानकारी Calls टैब में दिखाई देती रहती है। इसे चालू करने के लिए WhatsApp की Settings में जाएं, फिर Privacy और Calls विकल्प खोलकर Silence Unknown Callers को ऑन करें। अनजान नंबर से कॉल आने पर उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना किसी के साथ व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
दूसरा और तीसरा फीचर: कॉल की जानकारी और टू-स्टेप वेरिफिकेशन
किसी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आने पर उपलब्ध जानकारी ध्यान से देखें। कॉमन ग्रुप या मोबाइल नंबर से जुड़े देश जैसी जानकारी कुछ मामलों में संदिग्ध अकाउंट को पहचानने में मदद कर सकती है, लेकिन ये किसी व्यक्ति की विश्वसनीयता का पक्का प्रमाण नहीं हैं। इसके साथ WhatsApp का Two-Step Verification चालू रखना भी जरूरी है। इसके लिए Settings में Account और फिर Two-step verification विकल्प खोलें तथा स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें। अपना वेरिफिकेशन PIN और OTP किसी के साथ साझा न करें, भले ही सामने वाला खुद को किसी कंपनी या सरकारी विभाग का अधिकारी बताए।
चौथा और पांचवां फीचर: संदिग्ध अकाउंट और लिंक्ड डिवाइस जांचें
अनजान अकाउंट से फ्री गिफ्ट, लॉटरी, भारी छूट या तुरंत पैसे मिलने का दावा करने वाला संदेश आए, तो लिंक खोलने या फाइल डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। WhatsApp पर उपलब्ध अकाउंट संबंधी जानकारी को संकेत के रूप में इस्तेमाल करें और संदिग्ध अकाउंट को ब्लॉक या रिपोर्ट करें। साथ ही Settings में Linked Devices खोलकर अपने अकाउंट से जुड़े डिवाइस नियमित रूप से जांचें। किसी अनजान डिवाइस का पता चलने पर उसे लॉग आउट करें। यदि कोई व्यक्ति QR कोड स्कैन करने या डिवाइस लिंकिंग कोड साझा करने के लिए कहे, तो पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। सरकारी अधिकारी बनकर धमकी देने या पैसे ट्रांसफर कराने के दबाव में न आएं। साइबर ठगी होने पर भारत में हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।








