NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

Riya Jain
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
नीट- 2026 पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। मामले को लेकर देशभर के छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अदालत पर टिकी हैं। याचिकाओं में संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। अदालत इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनेगी। सुनवाई का परिणाम आगे की कार्रवाई तय कर सकता है।
तीन सदस्यीय पीठ करेगी मामले की सुनवाई
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। अदालत पुलिस कार्रवाई की वैधता और याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों पर विचार करेगी। याचिकाकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है। अदालत सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे के निर्देश दे सकती है। इस मामले को संवेदनशील माना जा रहा है। सुनवाई पर राष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
याचिकाओं में न्यायिक जांच की मांग
याचिकाओं में संसद मार्च के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि घटना के सभी साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड संरक्षित करने की अपील की गई है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। अदालत से इस संबंध में निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है निर्देश
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर चुका है। हाईकोर्ट ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य जांच के दौरान संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है। अब सुप्रीम कोर्ट में भी इसी घटनाक्रम पर विस्तृत सुनवाई हो रही है। दोनों अदालतों की कार्यवाही पर सभी की नजर बनी हुई है। आगे के आदेश महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
CJI की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय
सुनवाई से पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी चर्चा में रही। उन्होंने कहा कि अदालत सभी पक्षों की दलीलें निष्पक्ष रूप से सुनेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार प्रत्येक पक्ष को न्याय मिलेगा। अदालत तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय करेगी। इस टिप्पणी को मामले में संतुलित न्यायिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी को अदालत के अगले आदेश का इंतजार है।
फैसले पर छात्रों और देशभर की नजर
नीट पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है। छात्र संगठन, अभिभावक और विभिन्न पक्ष अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि अदालत जांच या अन्य निर्देश जारी करती है तो उसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। यह मामला परीक्षा प्रणाली और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े अधिकारों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज की सुनवाई पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।







