टेरर फंडिंग पर ED का बड़ा एक्शन: ED की 4 राज्यों में छापेमारी,13 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

Aarohi Chaudhary
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) की जांच के आधार पर टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क के खिलाफ गुरुवार सुबह व्यापक कार्रवाई शुरू की। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चार राज्यों में एक साथ 13 ठिकानों पर छापेमारी की। इस अभियान की कमान ED के लखनऊ जोनल कार्यालय के हाथ में है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
चार राज्यों में एक साथ चली ताबड़तोड़ छापेमारी
ED की टीमों ने उत्तर प्रदेश (मुख्य रूप से लखनऊ), दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कई परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारियों ने संदिग्ध बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और विदेशी फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। एजेंसी का उद्देश्य पूरे वित्तीय नेटवर्क की परतें खोलना और मनी ट्रेल का पता लगाना है।
UP ATS की FIR से शुरू हुई जांच
यह कार्रवाई वर्ष 2024 में UP ATS द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। शुरुआती जांच में एक ऐसे संगठित सिंडिकेट का खुलासा हुआ था, जो रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने, उनके लिए फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य भारतीय पहचान पत्र तैयार कराने तथा उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने का काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मान रही हैं।
विदेशी फंडिंग और म्यूल अकाउंट्स की जांच
ED की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को विदेशों से संदिग्ध वित्तीय सहायता मिल रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ चैरिटेबल ट्रस्टों और संस्थाओं के माध्यम से आने वाले फंड को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय म्यूल अकाउंट्स और लेयर्ड ट्रांजैक्शनों के जरिए कई चरणों में घुमाया जाता था। इसके बाद नकद निकासी और छोटे-छोटे ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए धन को संदिग्ध लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता था।
डिजिटल सबूत जब्त, पूछताछ की तैयारी
छापेमारी के दौरान ED ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल और वित्तीय सबूत जब्त किए हैं। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, बैंकिंग रिकॉर्ड, विदेशी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। एजेंसी इन सभी रिकॉर्ड का फॉरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण कर रही है। साथ ही संबंधित ट्रस्टों, संस्थाओं और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम कार्रवाई
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में अवैध घुसपैठ और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ED और UP ATS मिलकर इस पूरे सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़, विदेशी फंडिंग के स्रोत और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं की भूमिका की गहन जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे तथा अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।








