सोनौली बॉर्डर पर अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार: बिना पासपोर्ट नेपाल जा रहा अमेरिकी युवक SSB के हत्थे चढ़ा

Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले स्थित भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 36 वर्षीय अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को हिरासत में लिया। वह बिना किसी वैध पासपोर्ट, वीजा या यात्रा दस्तावेज के नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। नियमित गश्त के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर पड़ने के बाद उसे रोका गया और पूछताछ शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में उसके दस्तावेजों में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
पूछताछ में सामने आई विरोधाभासी कहानी
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में जॉर्डन ब्राउन ने कई अलग-अलग बयान दिए। उसने दावा किया कि वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला है और पहले अमेरिकी नौसेना तथा स्पेशल फोर्सेज में छह वर्षों तक सेवा दे चुका है। उसने यह भी कहा कि वह लगभग 70 देशों की यात्रा कर चुका है। हालांकि, उसके दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां प्रत्येक जानकारी का सत्यापन कर रही हैं।
समुद्री रास्ते से भारत पहुंचने का दावा
ब्राउन ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2025 में वह बिना वैध दस्तावेजों के समुद्री मार्ग से भारत पहुंचा था। उसने दावा किया कि थाईलैंड में उसका अमेरिकी पासपोर्ट खो गया था, जिसके बाद वह श्रीलंका के रास्ते भारत आया। उसने यह भी कहा कि वह पिछले कई महीनों से गोवा में रह रहा था और बाद में बेंगलुरु, लखनऊ तथा गोरखपुर होते हुए सोनौली बॉर्डर पहुंचा। उसकी इस पूरी यात्रा की कहानी की जांच सुरक्षा एजेंसियां विस्तार से कर रही हैं।
भागने की कोशिश, SSB ने फिर दबोचा
सीमा पर पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने मौके से भागने की कोशिश की। SSB जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दोबारा पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से नकदी, दो मोबाइल फोन, एक एआई ट्रांसलेशन डिवाइस, डायरी, धार्मिक पुस्तकें और अन्य सामान बरामद किया गया। उसके पास मौजूद एक चीनी पासपोर्ट जैसे दस्तावेज की भी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
फॉरेनर्स एक्ट के तहत केस दर्ज
सोनौली पुलिस ने जॉर्डन ब्राउन के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट और इमिग्रेशन कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। स्थानीय अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), RAW और अन्य केंद्रीय एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड, यात्रा इतिहास और भारत में संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। अमेरिकी दूतावास को भी उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना दे दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की हाई-लेवल जांच जारी
फिलहाल जांच एजेंसियों को उसके खिलाफ किसी आतंकी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन उसके विरोधाभासी बयान, बिना दस्तावेज भारत में प्रवेश और नेपाल जाने की कोशिश को देखते हुए मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां उसके बैकग्राउंड, अंतरराष्ट्रीय यात्रा, संपर्कों और भारत में रहने की पूरी अवधि की गहन जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।








