ED starts probe against former MLA: मुकेश श्रीवास्तव पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच

Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
उत्तर प्रदेश के बहराइच की पयागपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस की ओर से की गई जांच और दर्ज मामलों के आधार पर सामने आई है। मुकेश श्रीवास्तव पहले से आय से अधिक संपत्ति और एनआरएचएम से जुड़े मामलों की जांच के घेरे में हैं। अब ED उनके खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के स्रोत की जांच करेगी।
विजिलेंस की जांच के आधार पर कार्रवाई
विजिलेंस ने मुकेश श्रीवास्तव को 10 जून 2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार, संबंधित अवधि में उनकी ज्ञात वैध आय करीब 1.12 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि संपत्ति खरीदने और अन्य खर्चों का आंकड़ा करीब 1.80 करोड़ रुपये बताया गया। यानी करीब 67.30 लाख रुपये के कथित अतिरिक्त खर्च की जांच की गई। इसी जांच से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर ED ने अब PMLA के तहत अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
NRHM से जुड़े मामलों की भी जांच
मुकेश श्रीवास्तव का नाम उत्तर प्रदेश के एनआरएचएम से जुड़े मामलों में भी सामने आया है। विजिलेंस श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच में स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। ED भी दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य सरकारी खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार एजेंसी ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन से कई वर्षों के रिकॉर्ड भी मांगे हैं।
करीब 100 करोड़ की कथित अनियमितताओं की जांच
ED की जांच में देविपाटन मंडल में सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद एवं सप्लाई से जुड़ी करीब 100 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी शामिल है। जांच एजेंसी टेंडर, सप्लाई ऑर्डर, भुगतान, बैंक गारंटी और संबंधित कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है। रिपोर्टों में कुछ कंपनियों के पूर्व विधायक और उनके करीबियों से कथित संबंधों की भी जांच किए जाने की बात कही गई है।
आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय लेनदेन पर नजर
जांच एजेंसी पूर्व विधायक से जुड़ी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। इसमें जमीन, होटल, फार्महाउस और अन्य संपत्तियों के साथ बैंक खातों तथा कंपनियों से जुड़े लेनदेन शामिल बताए गए हैं। ED यह जांच कर रही है कि कथित अनियमितताओं से हासिल धन का स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
जांच आगे बढ़ने के साथ बढ़ सकती है कार्रवाई
PMLA के तहत केस दर्ज होने के बाद ED अब मामले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित धन के प्रवाह की जांच करेगी। एजेंसी जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों से पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई कर सकती है। संपत्तियों पर कार्रवाई की संभावना भी कानून के तहत जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। फिलहाल मामला जांच के चरण में है और मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।








