Yuvraj Manchanda Murder Probe Takes New Turn: युवराज हत्याकांड में ठगी का नया एंगल, दिल्ली कपल पर पुलिस की नजर

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हत्या की जांच में नया मोड़
गुरुग्राम में 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच में पुलिस अब कथित आर्थिक ठगी से जुड़े एक मामले को भी खंगाल रही है। युवराज अदानी रियल्टी में प्रोजेक्ट मैनेजर थे और 6 सितंबर 2026 को उनकी हत्या हुई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे आर्थिक विवाद या ठगी से जुड़ा कोई कारण था या नहीं।
दिल्ली के कपल की भूमिका जांच के घेरे में
जांच में युवराज की पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा की भूमिका सामने आई है। दोनों को पुलिस ने उत्तराखंड से गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा है। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवराज को दोनों से जुड़े कथित आर्थिक मामलों की कोई जानकारी थी या नहीं।
फर्जी ED नोटिस से कथित ठगी
पुलिस जांच में सामने आए एक अलग मामले में अन्या वत्स और संयम सचदेवा पर फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) नोटिस और सरकारी विभागों में पहुंच होने का दावा कर एक परिचित से 1.2 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का आरोप है। इस मामले में अगस्त 2026 में दिल्ली के संसद मार्ग थाने में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
हत्या से कनेक्शन की जांच
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी की जानकारी युवराज तक पहुंची थी या नहीं और क्या इसका उनकी हत्या से कोई संबंध हो सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हत्या का सटीक मकसद अभी जांच का विषय है। इसलिए ठगी और हत्या के बीच संबंध को फिलहाल पुलिस की जांच के एक संभावित एंगल के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच में सामने आ रहे नए तथ्य
युवराज हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों से जुड़े कथित आर्थिक विवादों और अन्य मामलों की जानकारी भी सामने आ रही है। पुलिस हत्या की पूरी कड़ी और संभावित आर्थिक कारणों की पड़ताल कर रही है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।








