अंगोला से दबोचे गए भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर,: पंजाब-हरियाणा पुलिस की बड़ी कामयाबी

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
पंजाब और हरियाणा पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों तथा इंटरपोल के सहयोग से अफ्रीकी देश अंगोला में एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त अभियान चलाकर दो कुख्यात गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। दोनों आरोपी लंबे समय से भारत से फरार चल रहे थे और विदेश में छिपकर अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे। अब इनके भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कौन हैं गिरफ्तार गैंगस्टर?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के मोस्ट वांटेड वरिंदर उर्फ जॉबन सैदोक और हरियाणा के वांटेड अपराधी मनजोत के रूप में हुई है। जॉबन सैदोक पर पंजाब सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और वह चार चर्चित हत्या मामलों में मुख्य आरोपी है। मनजोत के खिलाफ भी हरियाणा के कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गैंगवार और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कुख्यात गोपी घनशामपुरिया और डोनी बल गैंग से जुड़े हुए थे। ये विदेश में बैठकर पंजाब और हरियाणा में रंगदारी, टारगेट किलिंग, हथियारों की तस्करी और गैंगवार से जुड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांच एजेंसियां अब इनके विदेशी संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही हैं। इससे कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों की अहम भूमिका
भारतीय एजेंसियों ने पहले ही दोनों आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। साइबर और खुफिया इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन अंगोला में ट्रेस की गई। इसके बाद इंटरपोल, भारतीय केंद्रीय एजेंसियों और अंगोला की सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से संयुक्त छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। यह ऑपरेशन कई देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
प्रत्यर्पण की तैयारी और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद अब दोनों अपराधियों को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय इस प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं। भारत पहुंचने के बाद उनसे हत्या, गैंगवार, रंगदारी, हथियार तस्करी और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से कई अन्य फरार अपराधियों और सहयोगियों की जानकारी भी मिलेगी।
अपराधियों को कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठित अपराध से जुड़े अपराधी विदेशों में छिपकर भी कानून से बच नहीं सकते। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इंटरपोल सहित वैश्विक एजेंसियों की मदद ली जाएगी। इस सफलता को भारत की एंटी-गैंगस्टर रणनीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है तथा इससे अन्य फरार गैंगस्टरों में भी डर का माहौल बनने की उम्मीद है।








