टोंक में शराब की दुकान में घुसा तेंदुआ, 3 घायल: 5 घंटे बाद काबू आया तेंदुआ
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Anil Sen
10 मिनट पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Reyansh Joshi
28 मिनट पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Priya Iyer
1 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में सोमवार सुबह एक तेंदुआ जंगल से भटककर मुख्य बाजार में पहुंच गया। स्टेट बैंक चौराहे के पास स्थित शराब की दुकान में घुसते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए ने दुकान के बाहर और अंदर मौजूद लोगों पर हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
CCTV में कैद हुआ खौफनाक हमला
दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में तेंदुआ अचानक दुकान के भीतर घुसकर सेल्समैन पर हमला करता दिखाई देता है। हमले के दौरान दुकान में रखी कई शराब की बोतलें टूट गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों को दहला दिया है और बाजार में दहशत का माहौल बना दिया।
सेल्समैन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हमले के बावजूद सेल्समैन संजय गुर्जर और उसके साथी ने हिम्मत नहीं हारी। घायल होने के बावजूद दोनों किसी तरह दुकान से बाहर निकलने में सफल रहे और तुरंत लोहे का शटर गिराकर तेंदुए को दुकान के अंदर ही बंद कर दिया। उनकी इस बहादुरी और सूझबूझ की वजह से बाजार में मौजूद दर्जनों लोगों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
जयपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम
तेंदुए के दुकान में बंद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग ने इलाके को खाली कराया और सुरक्षा घेरा बना दिया। स्थानीय टीम के साथ जयपुर चिड़ियाघर से विशेषज्ञ रेस्क्यू दल को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने शटर को थोड़ा खोलकर ट्रैंकुलाइज गन से तेंदुए को बेहोश किया। पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन करीब पांच घंटे तक चला, जिसके बाद तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर बाहर निकाला गया।
मेडिकल जांच के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ लगभग पांच वर्ष का नर है। उसे वन विभाग के कार्यालय ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास वाले जंगल में छोड़ने की तैयारी की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से जंगल से लगे इलाकों में सतर्क रहने की अपील भी की है।
घायलों का इलाज जारी, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
तेंदुए के हमले में घायल तीनों लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें।








