सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार: TCS के दम पर IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

Aarav Sharma
1 महीने पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Ada khan
1 महीने पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Ada khan
1 महीने पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Yash Kulkarni
1 महीने पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
लगातार दूसरे दिन बाजार में जोरदार तेजी
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। BSE सेंसेक्स 827.57 अंक यानी 1.08% की छलांग लगाकर 77,569.39 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 50 भी 244.10 अंक (1.02%) बढ़कर 24,206.90 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली।
TCS के शानदार नतीजों से IT सेक्टर में उछाल
TCS के मजबूत पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों के बाद आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। Tech Mahindra सहित कई आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 2% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसने पूरे बाजार की तेजी को मजबूती दी।
रियल्टी और PSU बैंक शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
कारोबार के दौरान निफ्टी रियल्टी और PSU बैंक इंडेक्स में 3% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, केमिकल्स, सीमेंट और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। FMCG इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ।
Tech Mahindra, BEL और RIL रहे टॉप गेनर्स
सेंसेक्स के 30 शेयरों में अधिकांश बढ़त के साथ बंद हुए। Tech Mahindra, BEL, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), Axis Bank और Bajaj Finance दिन के प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर Eternal, Bharti Airtel, Trent और Sun Pharma जैसे शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखी मजबूती
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.42% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.55% की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिला कि बाजार में निवेशकों की खरीदारी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही।
इन वजहों से बाजार को मिला सपोर्ट
बाजार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारक रहे। TCS के मजबूत नतीजों के अलावा कच्चे तेल की कीमतें लगभग 80 डॉलर से घटकर 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद, रुपये की मजबूती और बेहतर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल समाचार एवं सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।)








