₹35 किलो प्याज से मिलेगी बड़ी राहत: सरकार ने बढ़ाई प्याज सप्लाई

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
देश के कई हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रमुख खपत वाले शहरों में प्याज को ₹35 प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसके लिए नासिक के प्याज उत्पादक क्षेत्र से विशेष रेलवे रेक के जरिए प्याज की सप्लाई की जा रही है। सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और उपभोक्ताओं को महंगे प्याज से राहत दिलाना है। यह पहल खासतौर पर उन महानगरों में की जा रही है जहां प्याज की खुदरा कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत के अनुसार आगे अन्य शहरों में भी सस्ती दर पर प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।
कांदा एक्सप्रेस से नासिक से पहुंचेगा प्याज
प्याज की तेज और व्यवस्थित सप्लाई के लिए सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से 'कांदा एक्सप्रेस' नाम की विशेष मालगाड़ी के जरिए प्याज भेजने की व्यवस्था शुरू की है। इस विशेष रेलवे रेक के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्याज को कम समय में देश के प्रमुख खपत केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। सड़क मार्ग के मुकाबले रेलवे के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज की ढुलाई करने से सप्लाई को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बाजार में प्याज की कमी जैसी स्थिति पैदा नहीं होने देना है। नासिक देश के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और वहां से देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्याज भेजा जाता है। कांदा एक्सप्रेस के जरिए इसी सप्लाई नेटवर्क को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली समेत 5 बड़े शहरों को मिली प्राथमिकता
सरकार ने योजना के पहले चरण में देश के 5 प्रमुख खपत केंद्रों को शामिल किया है। इनमें दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम यानी कोच्चि और गुवाहाटी शामिल हैं। इन शहरों में प्याज की मांग अधिक होने के साथ-साथ खुदरा कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकार द्वारा भेजे जा रहे प्याज को इन शहरों में रियायती दर पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। इससे बाजार में उपलब्ध प्याज की मात्रा बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर इस व्यवस्था को दूसरे बड़े शहरों और खपत केंद्रों तक भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिले और प्याज की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी पर रोक लगे।
NCCF और NAFED के जरिए होगी बिक्री
सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा सस्ता प्याज आम लोगों तक पहुंचाने के लिए NCCF और NAFED के आउटलेट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल वैन और चुनिंदा रिटेल काउंटरों के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को ₹35 प्रति किलो की दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार के 'भारत ब्रांड' के रिटेल नेटवर्क के जरिए भी सस्ता प्याज लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इन बिक्री केंद्रों का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए उपभोक्ताओं को सीधे रियायती दर का लाभ देना है। शहरों में मोबाइल वैन के जरिए अलग-अलग इलाकों तक प्याज पहुंचाने से आम लोगों को आसानी से सस्ता प्याज मिल सकेगा। सरकार बाजार की स्थिति पर नजर रखते हुए सप्लाई और बिक्री व्यवस्था में आवश्यक बदलाव भी कर सकती है।
प्याज की कीमत में 59 फीसदी की बढ़ोतरी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत में सालाना आधार पर करीब 59 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। औसत खुदरा कीमत लगभग ₹43.53 प्रति किलोग्राम बताई गई, जबकि दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में प्याज की कीमत करीब ₹55 से ₹60 प्रति किलो तक पहुंच गई। कीमतों में इस तेज वृद्धि से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है और आम उपभोक्ताओं के लिए प्याज खरीदना महंगा हुआ है। बाजार में बढ़ती मांग और आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियों के बीच सरकार ने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य बाजार में अतिरिक्त प्याज उपलब्ध कराकर कीमतों को स्थिर करना है। आने वाले दिनों में कीमतों की स्थिति के आधार पर सरकारी सप्लाई को और बढ़ाया जा सकता है।
बफर स्टॉक से बाजार में उतारा जा रहा प्याज
केंद्र सरकार के पास प्याज का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है, जिसका इस्तेमाल बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। सरकार इस स्टॉक से प्याज निकालकर उन शहरों में भेज रही है जहां खुदरा कीमतें ज्यादा हैं और मांग भी अधिक है। रियायती दर पर बिक्री के साथ-साथ विशेष मालगाड़ी से सप्लाई का उद्देश्य बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार का कहना है कि कीमतों पर नियंत्रण आने तक जरूरत के मुताबिक बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति जारी रखी जाएगी। इस कदम से उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने के साथ बाजार में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार प्याज की कीमतों और आपूर्ति की लगातार निगरानी कर रही है ताकि महंगाई का असर आम जनता पर कम किया जा सके।








