Chhattisgarh Dhanteras Sales: धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी

धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी
प्रतिक्रियाएँ
Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

0 सेकंड पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

0 सेकंड पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

0 सेकंड पहले

Crypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.

Comments • Reactions • Feedback

धनतेरस पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में धनवर्षा
धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। सुबह से देर रात तक दुकानों और शोरूम में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। इस दौरान प्रदेश में कुल कारोबार 7,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। सबसे ज्यादा करीब 2,500 करोड़ रुपये का कारोबार सोने और चांदी के बाजार में हुआ। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब एक लाख वाहन बिके, जिनकी कुल कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपये बताई गई। रियल एस्टेट में सुस्ती के कारण इस क्षेत्र का कारोबार करीब 300 करोड़ रुपये तक सीमित रहा।

 

देर रात तक बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़
धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल सेक्टर में करीब 1,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। गांवों से आए ग्राहकों ने भी महंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे। इसके अलावा बर्तन, फर्नीचर, कपड़े, मिठाई और गिफ्ट आइटम के कारोबार को मिलाकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। रायपुर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में सुबह से रात तक बाजार गुलजार रहे। खासकर शाम और रात के समय ग्राहकों की संख्या अधिक रही और लोगों ने अपनी पसंद के सामान की खरीदारी की।

 

मोबाइल और एलईडी की खरीदारी में दिखा उत्साह
एलईडी टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ मोबाइल फोन की भी अच्छी बिक्री हुई। कई कंपनियों ने बाजार में नए मॉडल पेश किए थे। मालवीय रोड व्यापारी संघ के राजेश वासवानी के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों ने भी महंगे मोबाइल और एलईडी टीवी खरीदे। इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कारोबार को मिलाकर पूरे प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई।

 

बर्तन, फर्नीचर और कपड़ा बाजार में भी रौनक
धनतेरस पर बर्तनों की खरीदारी को शुभ माना जाता है, इसलिए सुबह से देर रात तक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। फर्नीचर बाजार में स्टील की अलमारियों के साथ लकड़ी के फर्नीचर की भी अच्छी बिक्री हुई। कपड़ों की दुकानों के अलावा मिठाई और गिफ्ट आइटम के बाजार में भी रौनक देखने को मिली। इन सभी क्षेत्रों को मिलाकर प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है।

 

सोना-चांदी की बिक्री 2,500 करोड़ रुपये के पार
धनतेरस पर सराफा बाजार में भी जोरदार कारोबार हुआ। सोने और चांदी की कीमतें पिछले साल की तुलना में अधिक रहने के बावजूद त्योहार से पहले दामों में आई गिरावट से ग्राहकों को खरीदारी का मौका मिला। सोना डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे और चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो से कम रही। बढ़ी कीमतों के कारण लोगों ने अपने बजट के अनुसार कम मात्रा में आभूषण और कीमती धातुएं खरीदीं। कारोबारियों के मुताबिक, अकेले रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये और पूरे प्रदेश में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का सराफा कारोबार हुआ।

 

चांदी के सिक्कों और धार्मिक वस्तुओं की मांग
रायपुर के सराफा कारोबारी लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने बताया कि धनतेरस पर सोने के मुकाबले चांदी के सिक्कों की बिक्री अधिक रही। इसके अलावा चांदी के अष्टलक्ष्मी लोटे, श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और कछुए जैसी धार्मिक वस्तुओं की भी अच्छी मांग रही। सराफा कारोबारी हरख मालू के अनुसार, सोने और चांदी के ऊंचे दामों के कारण ग्राहकों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार खरीदारी की।

 

त्योहारी खरीदारी से 7,000 करोड़ रुपये का कारोबार
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि धनतेरस पर प्रदेश के लगभग सभी कारोबारी क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हुई। एक ही दिन में कारोबार 7,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार पूरे त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ का कुल कारोबार 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।

 

धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, धनतेरस पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,677 रुपये की गिरावट आई और भाव करीब 1.41 लाख रुपये पर पहुंच गया। वहीं, एक किलो चांदी 4,432 रुपये सस्ती होकर लगभग 1.83 लाख रुपये पर आ गई। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना करीब 1.44 लाख रुपये और चांदी 1.87 लाख रुपये प्रति किलो थी।

 

सालभर में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जो बढ़कर लगभग 1.41 लाख रुपये हो गई। इसी अवधि में चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से घटकर 1.83 लाख रुपये पर आ गया। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये और चांदी ने 3.86 लाख रुपये का अपना उच्चतम स्तर भी दर्ज किया था।

 

ऑटोमोबाइल बाजार में एक लाख वाहनों की बिक्री
धनतेरस पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी जबरदस्त कारोबार देखने को मिला। रायपुर समेत प्रदेशभर में एक ही दिन में करीब एक लाख वाहन बिके। इनमें लगभग 90 हजार दोपहिया वाहन शामिल थे, जबकि करीब 10 हजार कारों की बुकिंग हुई थी। त्योहार से पहले ही बड़ी संख्या में ग्राहकों ने वाहनों की बुकिंग करा ली थी।

 

रियल एस्टेट कारोबार में बनी रही सुस्ती
दूसरी ओर, रियल एस्टेट सेक्टर में धनतेरस पर अपेक्षाकृत कम कारोबार हुआ। बाजार में जारी मंदी का असर रायपुर के साथ भिलाई, दुर्ग, कोरबा और बिलासपुर जैसे शहरों में भी दिखाई दिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आवासीय योजनाओं और संपत्तियों की बिक्री मिलाकर करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जबकि प्लॉट की बिक्री लगभग 100 करोड़ रुपये रही। इस तरह रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल कारोबार अन्य बाजारों की तुलना में सीमित रहा।

प्रतिक्रियाएँ
Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

0 सेकंड पहले

Economy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

0 सेकंड पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Anika Rajput

Anika Rajput

0 सेकंड पहले

Crypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.

Comments • Reactions • Feedback