US Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, 2.3 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा

Reyansh Joshi
22 मिनट पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Myra Dubey
49 मिनट पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Simran Arora
1 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Riya Jain
3 घंटे पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
Myra Dubey
5 घंटे पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट, एक दिन में 2.3 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू साफ
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण बाजार के प्रमुख इंडेक्स बुरी तरह टूट गए। नैस्डैक 100 में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक ही कारोबारी दिन में नैस्डैक की मार्केट वैल्यू से करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर कम हो गए। इस गिरावट का असर एनवीडिया जैसी बड़ी टेक कंपनियों से लेकर वॉलमार्ट तक के शेयरों पर दिखाई दिया।
यह गिरावट मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद नैस्डैक के लिए सबसे खराब कारोबारी दिनों में से एक रही। निवेशकों के बीच AI कंपनियों के बढ़ते मूल्यांकन और भविष्य में संभावित मुनाफे को लेकर चिंता गहराने लगी है।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
अमेरिकी बाजार में आई बिकवाली का सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों पर पड़ा। नैस्डैक में करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि S&P 500 लगभग 4 फीसदी और डाउ जोन्स करीब 3 फीसदी नीचे आ गया। सेमीकंडक्टर सेक्टर का इंडेक्स भी करीब 11 से 12 फीसदी तक टूट गया।
दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल एनवीडिया के शेयर 9 फीसदी से ज्यादा गिर गए। यह जनवरी 2025 के बाद कंपनी की सबसे बड़ी गिरावट बताई गई। इस गिरावट ने कंपनी के शेयरों में इस साल हुई बढ़त को भी काफी हद तक खत्म कर दिया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (SOX) में भी करीब 12 फीसदी की गिरावट आई। इसमें एनवीडिया, इंटेल और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) जैसी कंपनियां शामिल हैं। वहीं, छोटे शेयरों वाला रसेल 2000 इंडेक्स भी करीब 4.5 फीसदी गिरकर करेक्शन जोन में पहुंच गया।
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से क्यों डरा बाजार?
बाजार में आई भारी गिरावट के पीछे अमेरिकी कांग्रेस के चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। निवेशकों को आशंका है कि राजनीतिक बदलाव के कारण नीतियों में सख्ती आ सकती है, जिससे AI इंडस्ट्री के विस्तार और निवेश की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
चुनाव में मतदाताओं की नाराजगी के पीछे महंगी गैस और टेक्सास जैसे क्षेत्रों में बन रहे AI डेटा सेंटर्स का स्थानीय प्रभाव भी चर्चा में रहा। शुरुआती कारोबारी प्रतिक्रिया में बाजार में तेजी आई थी, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि वॉशिंगटन में सत्ता का संतुलन बदलने से ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर नियंत्रण बढ़ेगा। हालांकि, अगले कारोबारी दिन निवेशकों की धारणा बदल गई और बिकवाली तेज हो गई।
डेटा सेंटर्स के विरोध से बढ़ी AI कंपनियों की चिंता
AI तकनीक के संचालन के लिए बड़े डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है। इन केंद्रों के निर्माण को लेकर कई क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण बिजली की बढ़ती खपत है, जिससे आम लोगों के बिजली खर्च पर असर पड़ने की आशंका है।
इसके अलावा डेटा सेंटर्स में पानी की भारी खपत को लेकर भी पर्यावरण संबंधी चिंताएं सामने आ रही हैं। निवेशकों को डर है कि स्थानीय विरोध और संभावित सरकारी सख्ती के कारण भविष्य में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला निवेश प्रभावित हो सकता है।
AI कंपनियों ने भविष्य में बढ़ने वाली मांग और मुनाफे की उम्मीद में पहले ही अरबों डॉलर का निवेश किया है। ऐसे में यदि डेटा सेंटर्स के निर्माण और संचालन पर प्रतिबंध या सख्त नियम लागू होते हैं, तो कंपनियों की कमाई और विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
ट्रंप ने चुनाव नतीजों को ठहराया जिम्मेदार
अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए बाजार की गिरावट के लिए चुनाव परिणामों को जिम्मेदार बताया।
ट्रंप ने कहा कि चुनाव नतीजों के कारण शेयर बाजार को इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि बाजार को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में काफी मेहनत लगी थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के 401(k) यानी रिटायरमेंट फंड पर भी गिरावट के असर का जिक्र किया। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए रिपब्लिकन नहीं, बल्कि डेमोक्रेट जिम्मेदार हैं।
2008 की मंदी और इंटरनेट बबल की यादें ताजा
बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों को 2008 के हाउसिंग संकट और 2001 के इंटरनेट बबल की याद दिला दी। पेंडरफंड कैपिटल मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर ग्रेग टेलर ने कहा कि बाजार में AI को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह था और निवेश का बड़ा हिस्सा इसी सेक्टर पर केंद्रित हो गया था।
उनके अनुसार, जब किसी एक सेक्टर का बाजार में बहुत अधिक दबदबा हो जाता है, तो उसमें गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ सकता है। बाजार में डर का स्तर मापने वाला VIX इंडेक्स 11.57 अंक बढ़कर 28.18 पर पहुंच गया, जो मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।
निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से पैसा निकालकर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। गोल्डमैन सैक्स के आंकड़ों के मुताबिक, बिना मुनाफे वाली टेक कंपनियों के शेयरों के एक समूह में 7.7 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, भारी कर्ज वाली कमजोर कंपनियों के शेयर भी करीब 4 फीसदी टूट गए।
वेल्थ एलायंस के प्रेसिडेंट एरिक डिटन के मुताबिक, डेटा सेंटर्स के विरोध से कंपनियों की भविष्य की कमाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ रही है और बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है।








