Modi Xi Bilateral Meeting: सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग

Tanya Bajaj
6 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Kabir Shukla
7 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Dhruv Bhatt
8 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Dev Kapoor
9 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Priya Iyer
10 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pihu Agarwal
12 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vihaan Patel
12 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर 2026 को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। यह 2019 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है और 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बाद धीरे-धीरे संवाद और संपर्क बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।
BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे चीनी राष्ट्रपति
शी जिनपिंग नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। भारत इस वर्ष BRICS की मेजबानी कर रहा है और सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी BRICS सम्मेलन से पहले सकारात्मक और सार्थक बातचीत की उम्मीद जताई है। ऐसे में शी जिनपिंग की मौजूदगी इस सम्मेलन को भारत-चीन संबंधों के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बना रही है।
मोदी-शी के बीच होगी द्विपक्षीय बैठक
BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-चीन संबंधों की मौजूदा स्थिति, सीमा से जुड़े मुद्दे, व्यापार और आर्थिक संबंधों समेत आपसी हित के विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में सीमा पर सैन्य तनाव कम करने और संबंधों को सामान्य दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिशें हुई हैं।
गलवान के बाद रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार की कोशिश
2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के संबंधों में काफी तनाव आया था। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत की। 2024 में हुए समझौते के बाद कुछ प्रमुख क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ी और इसके बाद दोनों देशों के बीच यात्रा, व्यापार और राजनयिक संपर्क को बेहतर करने की कोशिशें भी हुईं। हालांकि सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी बने हुए हैं।
शी जिनपिंग के दौरे पर दुनिया की नजर
शी जिनपिंग की सात साल बाद भारत यात्रा को भारत-चीन संबंधों में सावधानीपूर्वक सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसे पूर्ण रूप से संबंधों में बदलाव कहना अभी जल्दबाजी होगी। दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक और सीमा संबंधी मतभेद अब भी मौजूद हैं। ऐसे में मोदी-शी बैठक से निकलने वाले संदेश और BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों देशों की कूटनीतिक गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास नजर रहेगी।








