Trump UN Speech: UNGA में ट्रंप का भाषण, ईरान पर सख्त रुख और आठ युद्ध खत्म करने का दावा

UNGA में ट्रंप का भाषण, ईरान पर सख्त रुख और आठ युद्ध खत्म करने का दावा
प्रतिक्रियाएँ
Ada khan

Ada khan

0 सेकंड पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

CommentsReactionsFeedback

UNGA में ट्रंप का भाषण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी विदेश नीति और कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर बात की। उन्होंने अपने प्रशासन की विदेश नीति को रेखांकित करते हुए विभिन्न संघर्षों में अमेरिकी भूमिका का उल्लेख किया और ईरान के मुद्दे पर कड़ा रुख रखा।

 

आठ युद्ध खत्म करने का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में आठ युद्धों को समाप्त कराने में उनकी भूमिका रही। उन्होंने कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा, आर्मेनिया-अजरबैजान, भारत-पाकिस्तान और गाजा समेत कई संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत संबंधों के साथ व्यापार और टैरिफ जैसे आर्थिक दबावों का इस्तेमाल भी इन मामलों में किया गया।

 

भारत-पाकिस्तान पर फिर दावा
ट्रंप ने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में अपनी भूमिका का दावा एक बार फिर दोहराया। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हवाला देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों की जान बची। भारत का आधिकारिक रुख अलग रहा है और नई दिल्ली ने कहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने की समझ दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद से बनी थी।

 

ईरान पर सख्त रुख
भाषण में ईरान प्रमुख मुद्दों में रहा। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की बात कही और संकेत दिया कि समझौते की संभावना मौजूद है, लेकिन इसके लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर समाधान जरूरी होगा।

 

विनाश की चेतावनी
ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में संभावित समझौते और सैन्य कार्रवाई के बीच विकल्प की बात रखी तथा कहा कि समझौता नहीं होने की स्थिति में ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ भविष्य में समझौता संभव है।

 

मिडटर्म चुनाव का जिक्र
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संभावित समझौता नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है, हालांकि उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर उनकी प्राथमिक चिंता परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

 

UN और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निशाना
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने UN की नौकरशाही और बजट से जुड़े मुद्दों की आलोचना की तथा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) पर भी अपना विरोध दर्ज कराया।

 

भाषण का व्यापक संदेश
ट्रंप के संबोधन में कूटनीतिक बातचीत के साथ अमेरिकी सैन्य और आर्थिक शक्ति पर जोर दिखाई दिया। उन्होंने एक ओर विभिन्न संघर्षों में समझौते कराने में अपनी भूमिका का दावा किया, वहीं ईरान के मामले में सैन्य दबाव की संभावना भी खुली रखी। भाषण में अमेरिकी विदेश नीति, ईरान, भारत-पाकिस्तान संबंध और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।

प्रतिक्रियाएँ
Ada khan

Ada khan

0 सेकंड पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...