Teacher Recruitment Protest: भोपाल में महिला शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति की मांग

भोपाल में महिला शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति की मांग
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भोपाल में महिला शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया चक्काजाम
करवा चौथ के दिन भोपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की महिला अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अभ्यर्थियों ने सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को रास्ता खुलवाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

 

सड़क पर लेटकर जताया विरोध
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने और यातायात बहाल करने की कोशिश की, तो कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेट गईं और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बैठी रहीं। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान की स्थिति बनी। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान अभ्यर्थियों ने राष्ट्रगान भी गाया।

 

मेरिट में जगह के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
प्रदर्शन कर रही अभ्यर्थियों का कहना है कि मेरिट सूची में स्थान बनाने के बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। उनका आरोप है कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान डीएलएड की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े विवाद के कारण नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि उनके मामलों पर स्पष्ट निर्णय लेकर जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए।

 

क्लॉज-49 और शैक्षणिक पात्रता पर विवाद
अभ्यर्थियों के अनुसार, भर्ती आवेदन के क्लॉज-49 में दी गई शर्तों के आधार पर दस्तावेज सत्यापन तक निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आवेदन के समय अंतिम वर्ष में पढ़ रहे अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिला था।

 

विभाग के नियमों की अलग व्याख्या
भर्ती से जुड़े विवाद में विभाग की ओर से पहले जारी स्पष्टीकरण में नियम पुस्तिका के नियम 12.7 का हवाला दिया गया था। इसमें निर्धारित शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख तक पूरी होने की शर्त बताई गई थी। ऐसे में विवाद आवेदन फॉर्म के क्लॉज-49 और नियम पुस्तिका में दी गई पात्रता शर्तों की व्याख्या को लेकर है।

 

पहले भी कर चुकी हैं प्रदर्शन
शिक्षक अभ्यर्थियों ने इससे पहले 7 अक्टूबर को भी भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम किया था। उस प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने थालियां बजाकर नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग शुरू करने की मांग उठाई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उस दिन यातायात करीब चार घंटे तक प्रभावित रहा था।

 

डीपीआई के बाहर भी दिया था धरना
अभ्यर्थी नियुक्ति संबंधी मांगों को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के बाहर भी धरना दे चुकी हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों से मुलाकात और आश्वासन मिलने के बाद भी लंबित मामलों का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्होंने दोबारा सड़क पर उतरकर विरोध जताया।

 

नियुक्ति पत्र मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के बाद भी जॉइनिंग नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे केवल आश्वासन के बजाय पात्रता विवाद पर स्पष्ट निर्णय और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रही हैं। अभ्यर्थियों ने कहा है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

सरकार और शिक्षा विभाग के फैसले पर नजर
प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़ा यह विवाद अब क्लॉज-49, डीएलएड योग्यता और पात्रता नियमों की व्याख्या से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार और शिक्षा विभाग लंबित मामलों पर स्पष्ट निर्णय लेंगे। फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने और जॉइनिंग शुरू करने की उनकी मांग बनी हुई है।

 

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