लाठीचार्ज पर कांग्रेस का सरकार पर हमला: राहुल बोले सबसे युवा विरोधी PM मोदी

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Simran Arora
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Monika Das
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ishaan Tiwari
42 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pranav Srivastava
54 मिनट पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Saanvi Pandey
1 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास का सबसे "युवा विरोधी प्रधानमंत्री" बताया। राहुल ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबा रही है। उन्होंने पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को घेरा।
प्रियंका गांधी ने जताया विरोध
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं पर बल प्रयोग पूरी तरह अनुचित है। उनका कहना था कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई करनी चाहिए।
संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई
दिल्ली में संसद मार्च निकालने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। हालात बिगड़ने पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और राजनीतिक विवाद तेज हो गया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था बना मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन का मुख्य कारण NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियां हैं। छात्र पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
संसद में भी गूंजा छात्रों का मुद्दा
मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्षी दलों ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद में उठाया। सरकार से जवाब मांगते हुए विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा भी देखने को मिला।
बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में रोजगार, शिक्षा और युवा नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य का मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है।








