MHT-CET 2026 रिजल्ट पर महाराष्ट्र में सियासी संग्र: 99 परसेंटाइल पर सवाल,विपक्ष ने मांगी जांच

Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Monika Das
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Kabir Shukla
3 मिनट पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
महाराष्ट्र MHT-CET 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और एनसीपी (SP) ने परीक्षा प्रणाली और स्कोरिंग पैटर्न पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे "NEET जैसे बड़े घोटाले" की आशंका से जोड़ दिया है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में कई ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बोर्ड में कम अंक, CET में 99 परसेंटाइल का दावा
कांग्रेस नेता सचिन सावंत और एनसीपी (SP) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि कई ऐसे छात्रों को MHT-CET में 99 से 100 परसेंटाइल मिले हैं, जिन्हें 12वीं बोर्ड परीक्षा में केवल 35 से 40 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। विपक्ष ने यह भी कहा कि लगभग 136 छात्रों के बोर्ड और CET अंकों में असामान्य अंतर देखने को मिला है। इन आंकड़ों के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
वायरल ऑडियो-वीडियो और एग्जाम सेंटर पर उठे सवाल
विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हुए, जिनमें ₹12 से ₹15 लाख लेकर पसंदीदा परीक्षा केंद्र दिलाने और 99 परसेंटाइल की गारंटी देने जैसे दावे किए गए। विपक्ष ने इन दावों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही नांदेड़ के जुड़वां छात्रों का उदाहरण देते हुए परिणामों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
न्यायिक जांच की मांग, विपक्ष का सरकार पर हमला
कांग्रेस और एनसीपी (SP) ने पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है, तो सरकार को स्वतंत्र जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
CET सेल ने आरोपों को बताया निराधार
महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और कंप्यूटर आधारित बताया है। अधिकारियों के अनुसार बोर्ड परीक्षा और CET का मूल्यांकन अलग-अलग आधार पर होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'Percentage' और 'Percentile' दोनों अलग अवधारणाएं हैं, इसलिए दोनों की सीधी तुलना करना उचित नहीं है। परीक्षा केंद्रों का आवंटन भी पूरी तरह स्वचालित प्रणाली से किया जाता है।
अफवाहों से बचने की अपील, CAP Round पर फोकस
CET सेल ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित भ्रामक वीडियो और ऑडियो के खिलाफ मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन तथा राज्य साइबर विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और इंजीनियरिंग एवं अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों की सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस (CAP Round) पर ध्यान केंद्रित करें। फिलहाल मामला राजनीतिक बहस और प्रशासनिक कार्रवाई, दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।








