लोकसभा से जन्म-मृत्यु संशोधन बिल पास: हंगामे के बीच लोकसभा ने बिल किया पारित

Anjali Patil
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Navya Nair
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Sonu rai
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ada khan
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Yash Kulkarni
42 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vaishali shinde
1 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Myra Dubey
6 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sneha Menon
52 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Anika Rajput
1 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Harsh Pandya
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Trapti Tanwar
1 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Harsh Pandya
1 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Dhruv Bhatt
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Shruti Bajpai
2 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ada khan
2 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Monika Das
3 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026' को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा और गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग कर रहा था। इसी दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया और शोर-शराबे के बीच इसे मंजूरी मिल गई।
दो साल से अधिक देरी पर अब न्यायालय की अनुमति जरूरी
नए संशोधन के तहत यदि किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु का पंजीकरण घटना के दो वर्ष से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो अब केवल प्रशासनिक अधिकारी की अनुमति पर्याप्त नहीं होगी। ऐसे मामलों में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) या संबंधित न्यायिक प्राधिकारी के आदेश के बाद ही पंजीकरण किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे फर्जी प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों पर प्रभावी रोक लगेगी।
एक से दो वर्ष की देरी पर डीएम या एसडीएम की मंजूरी अनिवार्य
यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) अथवा सरकार द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की लिखित स्वीकृति लेनी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी विलंबित पंजीकरण मामलों की बेहतर जांच और सत्यापन सुनिश्चित करना है।
फर्जी पंजीकरण रोकने का सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि संशोधित कानून से देश की सिविल रजिस्ट्रेशन प्रणाली (CRS) अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। देर से होने वाले पंजीकरण की बहु-स्तरीय जांच से नकली जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर अंकुश लगेगा। साथ ही रिकॉर्ड की प्रामाणिकता बढ़ने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
डिजिटल डेटाबेस को मिलेगा मजबूती
संशोधन के तहत जन्म और मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड के राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस को और मजबूत बनाने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि प्रमाणित और अद्यतन रिकॉर्ड से विभिन्न सरकारी सेवाओं, योजनाओं तथा पहचान संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिक सेवाओं का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
विपक्ष ने जताया विरोध, सरकार ने बताया जरूरी सुधार
विधेयक पारित होने के दौरान विपक्ष ने प्रक्रिया और सदन में चर्चा को लेकर विरोध दर्ज कराया तथा कुछ दलों ने वॉकआउट भी किया। वहीं सरकार का कहना है कि यह संशोधन नागरिक पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में रिकॉर्ड संबंधी विवादों और फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।







