IPS Preeti Yadav: 22 साल में UPSC पास कर IPS बनीं प्रीति यादवल की

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22 साल में UPSC पास कर बनीं IPS अधिकारी
उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी प्रीति यादव ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की मिसाल पेश की है। महज 22 साल की उम्र में उन्होंने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर 466वीं रैंक हासिल की थी। अब उन्हें गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में नोएडा जोन-1 के पुलिस उपायुक्त (DCP) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ वह नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP बन गई हैं।
ग्रेजुएशन में हासिल किया गोल्ड मेडल
प्रीति यादव पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इसके बाद उन्होंने भूगोल विषय में ग्रेजुएशन किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में टॉप किया और 96 प्रतिशत अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
UPSC की तैयारी के लिए छोड़ी पोस्ट ग्रेजुएशन
ग्रेजुएशन के दौरान ही प्रीति यादव ने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और UPSC परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान लगाया। स्पष्ट लक्ष्य और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली।
पहले प्रयास में मिली 466वीं रैंक
वर्ष 2018 में प्रीति यादव ने 22 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की। उन्होंने पहले प्रयास में 466वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला।
सहारनपुर में हुई पहली तैनाती
IPS ट्रेनिंग पूरी करने के बाद प्रीति यादव की पहली तैनाती सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई। यहां उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद और संबंध स्थापित करने की दिशा में काम किया।
महिला सुरक्षा और जनसंपर्क पर दिया जोर
सहारनपुर में तैनाती के दौरान प्रीति यादव ने पुलिस लाइन के पुराने कैफे का पुनरुद्धार कराया। इसके बाद 'बेलआउट- द पुलिस कैफे' शुरू किया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम लोगों के बीच बातचीत तथा संवाद को बढ़ावा देना था। इसके अलावा उन्होंने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया।
पिता से मिली पुलिस सेवा की प्रेरणा
प्रीति यादव के पिता ने पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) बने। पिता को वर्दी में जिम्मेदारी निभाते देखकर प्रीति के मन में भी पुलिस सेवा के प्रति सम्मान और रुचि बढ़ी। उनकी उपलब्धि बताती है कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP बनीं
अब प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 के पुलिस उपायुक्त की जिम्मेदारी मिली है। इस नियुक्ति के साथ उन्होंने एक नई उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं।








