Modi Putin Hold Key Talks: BRICS में भारत की कूटनीतिक सक्रियता

Kunal Rao
9 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Monika Das
11 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aarav Sharma
12 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Anil Sen
13 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarav Sharma
14 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anjali Patil
16 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर फोकस
बैठक में भारत और रूस के बीच व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। भारत में आयोजित INNOPROM कार्यक्रम को भी दोनों देशों के औद्योगिक और व्यापारिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र पर बातचीत
मोदी-पुतिन बातचीत में ऊर्जा और रक्षा सहयोग के साथ अंतरिक्ष तथा अन्य रणनीतिक क्षेत्रों को भी प्रमुखता मिली। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच और मजबूत करने पर जोर दिया गया। इससे भारत-रूस संबंधों में रणनीतिक सहयोग की निरंतरता का संकेत मिलता है।
पश्चिम एशिया और ब्लैक सी संकट पर भी चर्चा
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री परिवहन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की भारत की नीति दोहराई और शांति प्रयासों में सहयोग की बात कही।
BRICS में भारत की बड़ी कूटनीतिक भूमिका
भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS सम्मेलन में वैश्विक शांति, बहुपक्षीय व्यवस्था, आर्थिक सहयोग और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। 12 सितंबर को BRICS नेताओं ने नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया, जिसमें संवाद, सहयोग और शांतिपूर्ण तरीके से अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान पर जोर दिया गया।
पुतिन की वापसी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
राष्ट्रपति पुतिन 11 सितंबर को BRICS सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे थे और सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि, उपलब्ध ताजा आधिकारिक स्रोतों में 13 सितंबर को उनकी रूस वापसी के सटीक समय की स्पष्ट पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए फिलहाल खबर में सिर्फ इतना कहना उचित है कि BRICS कार्यक्रमों के बाद उनकी वापसी पर नजर बनी हुई है।






