India China Discuss Border and Trade: मतभेद विवाद में न बदलें: मोदी

Payal jadon
7 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Pihu Agarwal
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Priya Iyer
12 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sneha Menon
12 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Dev Kapoor
13 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Myra Dubey
15 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Neel Saxena
16 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 12 सितंबर 2026 को द्विपक्षीय बैठक हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैठक करीब 50 मिनट चली। वार्ता में भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने, सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक 2019 के बाद शी जिनपिंग की पहली भारत यात्रा के दौरान हुई है।
मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान भारत और चीन के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी है। दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और व्यवस्थाओं का पालन करने तथा सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की।
LAC पर शांति और स्थिरता पर फोकस
बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC की स्थिति भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। भारत और चीन के बीच हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों ने संबंधों को स्थिर करने की दिशा में कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर शांति को द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं ने सीमा प्रबंधन और शांति बनाए रखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
व्यापार असंतुलन और मार्केट एक्सेस पर चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दे भी उठे। भारत और चीन के बीच व्यापार असंतुलन, बाजार तक पहुंच और सप्लाई चेन से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। भारत की ओर से व्यापार को अधिक संतुलित और सुगम बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया। दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मार्केट एक्सेस और भरोसेमंद व्यापारिक वातावरण को महत्वपूर्ण माना गया।
कारोबार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर
मोदी और शी की बातचीत में दोनों देशों के बीच कारोबारी संपर्क और लोगों के बीच आवागमन बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे। सीमा पर स्थिरता के साथ आर्थिक और मानवीय संपर्कों को आगे बढ़ाना भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ने को हाल के वर्षों के तनाव के बाद संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
BRICS के दौरान मुलाकात से रिश्तों को नया संकेत
BRICS 2026 के दौरान हुई मोदी-जिनपिंग मुलाकात भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। 2024 में कजान BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सीमा पर तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी। अब नई दिल्ली में हुई बैठक में सीमा पर शांति के साथ व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। हालांकि इसे किसी नए व्यापक समझौते की घोषणा के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।






