Sagar Liquor Case Accused Shot In Leg: सागर शराब कांड में दूसरा एनकाउंटर

Nidhi kumari
7 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Aditya Verma
8 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Nidhi kumari
9 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Anil Sen
10 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Sai Mehta
11 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Sai Mehta
12 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Anjali Patil
13 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Anjali Patil
13 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रविवार 13 सितंबर की तड़के पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे ₹30 हजार के इनामी आरोपी शिवंजय राजपूत को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक शिवंजय बहरोल थाना क्षेत्र के कठुआ नाला के पास जंगल में छिपा हुआ था और वहां से अपने गांव की ओर निकलने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने इलाके में घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम को देखकर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई और उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने किए तीन राउंड फायर
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार शिवंजय राजपूत की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बहरोल और बांदरी थाना पुलिस की टीमों ने संबंधित जंगल क्षेत्र में पहुंचकर घेराबंदी की थी। पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपी के करीब पहुंची तो उसने पुलिसकर्मियों पर तीन राउंड फायर किए। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन पुलिस के दावे के अनुसार फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई। इसी कार्रवाई में शिवंजय के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मौके से एक देशी पिस्तौल, जिंदा और खाली कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इन बरामदगी और मुठभेड़ की पूरी परिस्थितियों की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है।
जहरीली शराब कांड के बाद से था फरार
शिवंजय राजपूत सागर के बंडा क्षेत्र में सामने आए जहरीली शराब मामले में पुलिस की तलाश सूची में था। पुलिस जांच में उसका नाम कथित तौर पर अवैध शराब तैयार करने और उसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सामने आया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने करीब 30 आरोपियों को इस मामले में आरोपी बनाया था और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किए गए थे। शिवंजय की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने इस मामले के एक अन्य प्रमुख आरोपी रवि लखेरा को भी 11 सितंबर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। रवि लखेरा को भी पैर में गोली लगी थी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
16 लोगों की मौत से जुड़ा है मामला
सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई त्रासदी में 16 लोगों की मौत की जानकारी 11 सितंबर की रिपोर्टों में सामने आई थी। इसके अलावा कई लोगों के अस्पतालों में इलाजरत होने की भी जानकारी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी संख्या में आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश की भी रिपोर्ट सामने आई है।
अवैध शराब नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस की जांच सिर्फ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जहरीली शराब तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री, उसकी सप्लाई और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार औद्योगिक केमिकल के स्रोत, शराब तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री तथा नकली बोतल, ढक्कन, होलोग्राम और लेबल उपलब्ध कराने वाले संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से अवैध शराब के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई भी की गई है। हालांकि नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी और फिलहाल आरोपों को जांच के दायरे में ही देखा जा रहा है।
दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को मिल सकती है दिशा
शिवंजय राजपूत की गिरफ्तारी को सागर जहरीली शराब मामले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ के जरिए कथित अवैध शराब नेटवर्क, उसके संपर्कों और शराब की तैयारी एवं सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। इससे पहले रवि लखेरा की गिरफ्तारी भी पुलिस मुठभेड़ के बाद हुई थी और अब दो प्रमुख आरोपियों के पकड़े जाने से जांच एजेंसियों का फोकस बाकी फरार आरोपियों तक पहुंचने पर है। फिलहाल शिवंजय का इलाज और पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है, जबकि जहरीली शराब कांड से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच अभी चल रही है।






