Congress Leader Arrested: जुआ खेलते पकड़े जाने के डर से भागे कांग्रेस नेता

Riya Jain
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ishaan Tiwari
3 मिनट पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Navya Nair
1 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Nisha Shah
2 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
बलौदाबाजार जिले में जुआरियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम हसौद में जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद कुछ लोग भाग निकले, जिनमें कांग्रेस नेता विमल अजय भी शामिल था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और अगले दिन उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस की दबिश
मामला 4 नवंबर का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम हसौद के ग्वालिन नाला के पास कुछ लोग रुपये-पैसों का दांव लगाकर कटपत्ती जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस ने मौके पर दबिश दी। पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और जुआ खेल रहे कुछ लोग भाग निकले।
पुलिस ने घटनास्थल से 1,020 रुपये नकद और ताश की 52 पत्तियां जब्त कीं। जांच और पूछताछ के दौरान गगन यादव, मुकेश यादव, नवीन साहू और विमल अजय के नाम सामने आए। इनमें विमल अजय पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया था।
दूसरे दिन गिरफ्तार हुआ कांग्रेस नेता
पुलिस ने फरार विमल अजय के खिलाफ 5 नवंबर को अपराध क्रमांक 423/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
जुआ कार्रवाई के दौरान फरार होने की भी चर्चा
जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस की दबिश के दौरान मौके से फरार हुए कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, पुलिस ने अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल कसडोल पुलिस की इस कार्रवाई को जुआरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।








