Patna Encounter Sparks Chaos: पटना एनकाउंटर के बाद दानापुर अस्पताल में जमकर हंगामा

Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aarohi Chaudhary
55 मिनट पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
मनेर एनकाउंटर के बाद दानापुर अस्पताल में हंगामा
संवाद सहयोगी, दानापुर (पटना)। बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। शेरपुर गंगा घाट के पास हुई इस मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल भेजे। इसकी जानकारी मिलते ही मृतकों के स्वजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे।
मुखबिरी के शक में युवक की पिटाई
अस्पताल में इसी दौरान पहुंचे एक व्यक्ति को देखकर मृतकों के स्वजन भड़क गए। उन्होंने उस पर पुलिस को मुखबिरी कर एनकाउंटर करवाने का आरोप लगाया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उसे भीड़ से बचाया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
मृतकों की हुई पहचान, शव देखने की मांग पर अड़े परिजन
मुठभेड़ में मारे गए लोगों की पहचान दानापुर थाना क्षेत्र के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है। मृतकों के स्वजन शव देखने की मांग पर अड़ गए और एंबुलेंस तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई।
एसडीपीओ के पहुंचने पर भी शांत नहीं हुआ हंगामा
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। हालात ऐसे रहे कि काफी देर तक तीनों के शव एंबुलेंस में ही पड़े रहे।
20 मिनट तक चली पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी। इस दौरान अपराधियों ने पुलिस पर 24 राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस की ओर से 18 राउंड गोलियां चलाई गईं। दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी होती रही।
गोली लगने से मनेर थानेदार घायल
मुठभेड़ के दौरान अपराधियों की गोली मनेर थानेदार रजनीश कुमार की बांह को छूते हुए निकल गई, जिससे वे जख्मी हो गए। गोलीबारी रुकने के बाद तीनों अपराधियों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या के मामले में वांछित थे तीनों अपराधी
एसएसपी ने बताया कि तीनों आरोपी दुर्गाष्टमी के दिन मनेर में हुई एक हत्या के मामले में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, तीनों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इसी मामले में उनकी तलाश की जा रही थी।
मृतकों के स्वजन ने पुलिस के दावे पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, मृतक जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में तीनों का नाम शामिल नहीं था। वहीं, राजेश शर्मा के भाई ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी राजेश से बातचीत हुई थी। परिजनों के इन बयानों के बाद मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
एनकाउंटर और अस्पताल में हंगामे के बाद बढ़ी चर्चा
मनेर में हुई मुठभेड़ और दानापुर अस्पताल में मृतकों के स्वजनों के हंगामे ने मामले को चर्चा में ला दिया है। एक ओर पुलिस तीनों को हत्या के मामले में वांछित बता रही है, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। मामले से जुड़े तथ्यों और मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।








