राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल को मिली मंजूरी: संसद में घमासान, बिल ध्वनिमत से पारित

Simran Arora
5 घंटे पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Ritika Ghosh
5 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Aditya Verma
5 घंटे पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Aarohi Chaudhary
6 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Aarohi Chaudhary
6 घंटे पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Vivaan Gupta
6 घंटे पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Ritika Ghosh
6 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
Ritika Ghosh
6 घंटे पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Nisha Shah
6 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
Dhruv Bhatt
6 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Kavya Mishra
6 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Kabir Shukla
6 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Vihaan Patel
7 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Diya Gupta
7 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Sneha Menon
7 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Reyansh Joshi
7 घंटे पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Kavya Mishra
8 घंटे पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Ravi sinha
9 घंटे पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Tanya Bajaj
9 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Diya Gupta
9 घंटे पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Ravi sinha
9 घंटे पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Taushif Shekh
10 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
Shruti Bajpai
10 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Kavya Mishra
11 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Aryan Malhotra
11 घंटे पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Aarohi Chaudhary
11 घंटे पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Tanya Bajaj
11 घंटे पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Ayaan Khan
11 घंटे पहलेCyber security ka yeh mudda bahut serious hai.
Aarav Sharma
11 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Anil Sen
12 घंटे पहलेCyber security ka yeh mudda bahut serious hai.
Ayaan Khan
12 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Reyansh Joshi
12 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Aarohi Chaudhary
12 घंटे पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Diya Gupta
12 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Riya Jain
12 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
Rohan Desai
12 घंटे पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
संसद के मानसून सत्र के दौरान देश की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लाया गया लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हो गया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से मंजूरी प्राप्त कर चुका था। सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा माफियाओं और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।
10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान
नए कानून में पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर 7 से 10 वर्ष तक की सजा और अधिकतम ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों या सर्विस प्रोवाइडर्स की संलिप्तता मिलने पर ₹5 करोड़ तक का जुर्माना, आठ वर्षों तक ब्लैकलिस्ट करने तथा अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष टास्क फोर्स का गठन
सरकार ने परीक्षा घोटालों के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रावधान किया है। इन अदालतों में मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। साथ ही बड़े और संगठित पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो सके।
विपक्ष का जोरदार विरोध, सदन में हंगामा
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली में विफल रहने का आरोप लगाया। विपक्ष ने हाल के परीक्षा विवादों और छात्र आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग की। सदन में नारेबाजी और तीखी बहस के बीच विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया और बाद में वॉकआउट किया।
सरकार बोली— परीक्षा माफिया पर होगी निर्णायक कार्रवाई
सरकार का कहना है कि यह कानून युवाओं के भविष्य की रक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार के अनुसार, नए प्रावधानों से संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, तकनीकी निगरानी मजबूत होगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
परीक्षा सुधार पर राजनीतिक बहस तेज
विधेयक पारित होने के बाद भी परीक्षा सुधार को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष का कहना है कि केवल सजा बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा और परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही, पारदर्शिता तथा संस्थागत सुधारों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं सरकार ने विश्वास जताया है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने और युवाओं के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







