BJP Wins Big In Rajasthan Civic Polls: राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की बंपर जीत

Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Neel Saxena
21 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Dev Kapoor
1 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Monika Das
1 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Simran Arora
2 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Anjali Patil
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Riya Jain
5 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई है। 14 सितंबर को जारी हो रहे नतीजों में अब तक भाजपा के 163 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के 103 उम्मीदवार विजयी रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 43 वार्डों में जीत हासिल की है। यह आंकड़े घोषित परिणामों से जुड़े हैं और पूरी चुनावी तस्वीर वार्डवार परिणाम सामने आने के साथ और स्पष्ट होगी।
309 नगरीय निकायों में हुआ था चुनाव
राजस्थान में इस बार 309 नगरीय निकायों के लिए चुनाव कराया गया था, जिनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल थीं। इन निकायों के कुल 10,167 वार्डों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसलिए 309 को सीटों की संख्या बताने के बजाय नगरीय निकायों की संख्या कहना ज्यादा सही है।
कांग्रेस को 103 वार्डों में जीत
भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी कई क्षेत्रों में मुकाबला किया और अब तक 103 वार्डों में उसके उम्मीदवारों की जीत दर्ज की गई है। कई नगर निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली, जबकि कुछ जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दोनों प्रमुख दलों के समीकरण प्रभावित किए। चुनाव परिणामों से राजस्थान की स्थानीय राजनीति में भाजपा की मजबूत स्थिति का संकेत मिल रहा है।
निर्दलीयों ने भी दिखाया दम
नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा है। अब तक 43 निर्दलीय उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके हैं, जिससे कई स्थानीय निकायों में बोर्ड गठन के दौरान इनकी भूमिका अहम हो सकती है। स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के साथ-साथ उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ और स्थानीय समीकरण काफी मायने रखते हैं, ऐसे में निर्दलीय पार्षदों के नतीजे आगे बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
दो चरणों में हुआ था मतदान
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 निकायों में मतदान हुआ, जिसमें 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। दूसरे चरण में बाकी निकायों के लिए 11 सितंबर को वोट डाले गए। इसके बाद 14 सितंबर की सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई और अलग-अलग वार्डों के परिणाम सामने आने लगे।
बोर्ड गठन पर रहेगी नजर
नगर निकाय चुनाव के वार्ड परिणामों के बाद अब सभी की नजर नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में बोर्ड गठन पर रहेगी। कई जगह किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। भाजपा के 163, कांग्रेस के 103 और निर्दलीयों के 43 घोषित विजयों ने फिलहाल राज्य की स्थानीय राजनीति में भाजपा को बढ़त वाली स्थिति में दिखाया है, लेकिन अंतिम राजनीतिक तस्वीर सभी परिणाम और उसके बाद होने वाले बोर्ड गठन से ही साफ होगी।






