CJP Gives 48-Hour Ultimatum: ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, CJP ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Dhruv Bhatt
2 दिन पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Diya Gupta
2 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Navya Nair
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kabir Shukla
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vaishali shinde
2 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Ishaan Tiwari
2 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Aditya Verma
2 दिन पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Anika Rajput
2 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
48 घंटे का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा और दिल्ली में ‘जंतर मंतर 2.0’ प्रदर्शन किया जाएगा।
SIR को लेकर विवाद
यह मांग द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाली से जुड़े फैसलों पर कई मौकों पर सवाल उठाए थे। चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग राय और आंतरिक जांच-परख प्रक्रिया deliberations का सामान्य हिस्सा हैं और SIR समेत पिछले वर्ष के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
CJP की मांगें
CJP के सह संयोजक सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। संगठन ने SIR को 2025 की मतदाता सूची की स्थिति में वापस करने, SIR से जुड़ी फाइलों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली समिति के पास रखने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव की मांग भी रखी है।
आरोपों पर EC का पक्ष
CJP ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों का बचाव किया है और कहा है कि आयोग के फैसले तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए।
वोटर लिस्ट पर सवाल
CJP नेताओं ने मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। रिपोर्टों में SIR प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का उल्लेख किया गया है। यह आंकड़ा ड्राफ्ट रोल में हुई कार्रवाई से संबंधित है और इसे किसी एक व्यक्ति द्वारा जानबूझकर नाम हटाए जाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
देशव्यापी अभियान
CJP ने ‘Election Commission Thik Karo’ नाम से देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा भी की है। संगठन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जवाबदेही की मांग करना है।









