Rahul Gandhi Viral Video: राहुल गांधी के सामने युवक ने निकाली बांसुरी, बोला- “डंडे का जवाब डंडा ही है मेरा, लेकिन…”
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nisha Shah
4 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Neha Tripathi
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Taushif Shekh
6 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने एक युवक द्वारा बांसुरी बजाने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। युवक के बयान, “डंडे का जवाब डंडा ही है मेरा, लेकिन…” ने लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद युवक ने बांसुरी निकालकर एक भजन की धुन बजाई। हिंसा के जवाब में प्रेम का संदेश देने वाला यह दृश्य अब वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हालिया प्रदर्शनों में शामिल रहे कुछ युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान बांसुरी बजाने वाले युवक समर ने कथित पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का जिक्र किया। उसने बताया कि 20 जुलाई को रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने उसके सिर पर डंडे से वार किया था। उसने 11 अक्टूबर को हुई हिरासत की घटना का भी उल्लेख किया।
“डंडे का जवाब डंडा ही है मेरा, लेकिन…” बयान ने खींचा ध्यान
बातचीत के दौरान युवक ने डंडे का जवाब देने की बात कही, लेकिन उसका तरीका हिंसा से अलग था। उसने बांसुरी निकालकर “वैष्णव जन तो तेने कहिए” भजन की धुन बजाई। इस तरह उसने अपने अंदाज में यह संदेश दिया कि नफरत और हिंसा का जवाब प्रेम से भी दिया जा सकता है। बांसुरी बजाने का यही क्षण वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रहा है।
राहुल गांधी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
राहुल गांधी ने युवक की बात सुनी और बांसुरी की प्रस्तुति के दौरान मौजूद रहे। इस प्रसंग को प्रदर्शनकारियों के अनुभव और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध के संदर्भ में सामने रखा गया। बांसुरी के जरिए प्रेम का संदेश देने की घटना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को राजनीतिक बयानबाजी से आगे एक प्रतीकात्मक चर्चा का विषय बना दिया।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या हैं आरोप?
यह मामला दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों की पृष्ठभूमि से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का विस्तृत आकलन किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में है वीडियो?
वीडियो में युवक का बयान और उसके बाद बांसुरी बजाने का दृश्य लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। एक ओर डंडे और हिंसा का जिक्र है, तो दूसरी ओर भजन की धुन के जरिए प्रेम का संदेश दिया गया। इसी विरोधाभास ने इस घटना को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि, वीडियो पर प्रतिक्रियाओं के आधार पर सभी लोगों की राय के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हिंसा के बजाय प्रेम का संदेश
युवक समर की बांसुरी प्रस्तुति को कथित हिंसा के विरोध में एक प्रतीकात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान असहमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को किस तरह शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जाना चाहिए। मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों का दृष्टिकोण सामने आना जरूरी है।






