AAP Invited to INDIA Rally: INDIA ब्लॉक की महारैली में AAP को बुलावा, CPI ने भेजा न्योता

Nisha Shah
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vihaan Patel
35 मिनट पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Nisha Shah
36 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Anil Sen
3 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Pranav Srivastava
3 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
INDIA ब्लॉक की महारैली में AAP को शामिल करने की कोशिश
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच INDIA ब्लॉक में आम आदमी पार्टी (AAP) को साथ लाने की कोशिश तेज हो गई है। कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इसी कार्यक्रम में AAP को शामिल करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने पार्टी की दिल्ली इकाई को न्योता भेजा है। हालांकि, AAP की ओर से अभी भागीदारी की पुष्टि नहीं की गई है।
AAP की भागीदारी पर फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा
CPI के निमंत्रण पर AAP की राज्य इकाई ने कहा है कि महारैली में शामिल होने का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। इसके लिए दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत होने की संभावना है। हाल के प्रदर्शनों में AAP INDIA ब्लॉक के साथ हर कार्यक्रम में नजर नहीं आई है और उसने अलग से भी विरोध दर्ज कराया है। हालांकि, 7 अक्टूबर को वामपंथी दल के आह्वान पर AAP ने दिल्ली में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। ऐसे में आगामी महारैली में उसकी भागीदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर महारैली
INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध से जोड़ा है। विपक्षी नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों की बैठक में आंदोलन आगे बढ़ाने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा हुई। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग जैसी कार्रवाई, दिल्ली में यात्रा संबंधी प्रतिबंधों के विरोध में सांसदों का मेट्रो से सफर और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जैसे प्रस्ताव शामिल बताए गए। ये प्रस्ताव चर्चा का हिस्सा थे; इनके लागू होने की स्थिति अलग-अलग निर्णयों पर निर्भर करेगी।
महारैली में पांच लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य
रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन रामलीला मैदान की महारैली में करीब पांच लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर विरोध जारी रखने और आंदोलन को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, प्रस्तावित संख्या आयोजन का लक्ष्य है, इसमें शामिल होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या कार्यक्रम के दिन ही स्पष्ट होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट पहुंची युवा कांग्रेस
इस बीच, भारतीय युवा कांग्रेस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के दिल्ली पुलिस के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से दाखिल याचिका में SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर जंतर-मंतर में प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई है। याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त के 11 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आदेश के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों में शामिल किया गया है। इस मामले में आगे की स्थिति न्यायालय की सुनवाई और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।







