Yogi Targets Akhilesh: अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सीएम योगी का तंज

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Yash Kulkarni
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Neel Saxena
1 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Monika Das
2 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sneha Menon
2 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ishaan Tiwari
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
अखिलेश के अयोध्या दौरे पर योगी का बयान
अयोध्या में आयोजित 10वें भव्य दीपोत्सव समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित राम मंदिर दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी। समाजवादी पार्टी की ओर से घोषणा की गई है कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के साथ 12 दिसंबर को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दर्शन करेंगे। राम मंदिर निर्माण के बाद उनके इस प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने वर्ष 1990 के कारसेवक गोलीकांड का मुद्दा उठाया और कहा कि रामनगरी आने से पहले उन्हें रामभक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
दीपोत्सव मंच से रामभक्तों की क्षमायाचना की बात
दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी अयोध्या को लहूलुहान किया था, वे आज अयोध्या को याद कर रहे हैं। उनका अयोध्या में स्वागत है, लेकिन उन्हें पहले रामभक्तों से माफी मांगकर आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संतों से भी क्षमायाचना करने की बात कही और कहा कि भगवान श्रीराम कृपालु हैं तथा सभी को क्षमा कर देते हैं।
अयोध्या के विकास और रामभक्तों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अयोध्या में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का जिक्र करते हुए कहा कि पहले अयोध्या में हवाई अड्डा नहीं बन पाया था, जबकि अब यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों ने नया इतिहास रचा है और भविष्य में कोई भी अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाने का साहस नहीं कर सकेगा।
1990 के कारसेवक गोलीकांड का मुद्दा
योगी आदित्यनाथ का बयान वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल के दौरान राम मंदिर आंदोलन में शामिल कारसेवकों पर पुलिस की गोलीबारी से जुड़ा था। इस घटना में कई कारसेवकों की जान गई थी। राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान के जरिए इसी घटना को याद करते हुए अखिलेश यादव से रामभक्तों और संतों से माफी मांगने की बात कही।
भाजपा नेताओं ने भी अखिलेश यादव पर साधा निशाना
इस मामले में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी अखिलेश यादव पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश अवसर देखकर पूजा-अर्चना करने जाते हैं और उन्हें सनातन धर्म के अपमान से बचना चाहिए। वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण समाजवादी पार्टी अयोध्या का रुख कर रही है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने चंदे की कथित चोरी का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जवाब दिया। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दान में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाया। अखिलेश ने कहा कि अयोध्या की जनता मुख्यमंत्री से पूछ रही है कि चंदे की चोरी के मामले में सच और झूठ का फैसला कब होगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस कथित मामले के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ अब तक कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
12 दिसंबर को रामलला और हनुमानगढ़ी जाएंगे अखिलेश-डिंपल
समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय के मुताबिक, कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव 12 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। दोनों नेता रामलला के दर्शन करने के साथ हनुमानगढ़ी में भी पूजा-अर्चना करेंगे। राम मंदिर निर्माण के बाद अखिलेश यादव का यह पहला प्रस्तावित दर्शन दौरा बताया जा रहा है।
पहले भी भागवत कथा में शामिल हुए थे अखिलेश
इससे पहले 8 अक्टूबर को अखिलेश यादव अयोध्या में आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए थे। हालांकि, उस दौरान उन्होंने राम मंदिर में दर्शन नहीं किए थे। उसी समय अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। अब 12 दिसंबर के प्रस्तावित दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या और राम मंदिर का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राम मंदिर और अयोध्या से जुड़े मुद्दों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। अखिलेश यादव के प्रस्तावित मंदिर दौरे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी और चंदे से जुड़े आरोपों ने राजनीतिक चर्चा को नया विषय दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।








