Lakshmi Puja Rules: दिवाली पर मां लक्ष्मी को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 7 चीजें

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व
आज 8 नवंबर, रविवार को देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रात में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसी वजह से लोग दिवाली की रात विशेष तैयारी के साथ लक्ष्मी पूजन करते हैं।
पूजा सामग्री चुनते समय रखें ध्यान
लक्ष्मी पूजन के दौरान भक्त मां को फूल, फल और कई तरह की पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्रों में कुछ चीजों को माता लक्ष्मी की पूजा में चढ़ाना वर्जित बताया गया है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को अर्पित करने से पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता। इसलिए दिवाली पर पूजन सामग्री का चयन करते समय इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
तुलसी के पत्ते और मंजरी न चढ़ाने की मान्यता
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय मानी जाती है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी के पत्ते या मंजरी अर्पित नहीं की जाती। इसी वजह से दिवाली पर लक्ष्मी पूजन की सामग्री में तुलसी को शामिल करने से बचने की परंपरा बताई गई है।
सफेद रंग के फूलों को लेकर मान्यता
लक्ष्मी पूजा में लाल, गुलाबी और पीले रंग के फूल शुभ माने जाते हैं। कमल, गुलाब और गेंदे के फूल माता को अर्पित किए जाते हैं। वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंपा, रातरानी, मोगरा, चांदनी और तगर जैसे सफेद रंग के फूल मां लक्ष्मी को नहीं चढ़ाने चाहिए।
आंकड़े का फूल अर्पित करना माना जाता है वर्जित
आंकड़े के फूल का इस्तेमाल विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस फूल को मां लक्ष्मी को अर्पित नहीं करना चाहिए। इसलिए लक्ष्मी पूजन के लिए फूलों का चुनाव करते समय इसे अलग रखने की सलाह दी जाती है।
कनेर के फूल से परहेज करने की सलाह
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की पूजा में कनेर के फूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कनेर के फूल, पत्ते और फल विषैले माने जाते हैं। इसी कारण लक्ष्मी पूजन में इसे अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता है।
दुर्वा घास भगवान गणेश को अर्पित करें
भगवान गणेश की पूजा में दुर्वा घास का विशेष महत्व है और इसे गणपति को चढ़ाना शुभ माना जाता है। हालांकि, मां लक्ष्मी की पूजा में दुर्वा अर्पित करने की परंपरा नहीं है। इसलिए लक्ष्मी और गणेश की संयुक्त पूजा करते समय दोनों के लिए अलग-अलग पूजन सामग्री रखने की मान्यता बताई गई है।
बासी और मुरझाए फूलों का न करें इस्तेमाल
मां लक्ष्मी की पूजा में ताजे और खिले हुए फूलों का उपयोग करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूखे, मुरझाए, कटे-फटे या कीड़े लगे फूल पूजा में अर्पित नहीं करने चाहिए। पूजा में स्वच्छ और ताजी सामग्री को विशेष महत्व दिया जाता है।
पूजा के समय पहनावे का भी रखें ध्यान
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय कपड़ों के रंग को लेकर भी कुछ धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनके अनुसार, पूजा के दौरान काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके बजाय लाल, पीले या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं ये नियम
लक्ष्मी पूजा से जुड़ी इन सात बातों का उल्लेख धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के आधार पर किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि तथा परंपराओं में अंतर हो सकता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं।








