मेलबर्न में PM मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन: भारतीय समुदाय ने ढोल-नगाड़ों से दबाया प्रदर्शन

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न पहुंचने के कुछ घंटों बाद एक दक्षिणपंथी और आप्रवासन-विरोधी प्रदर्शनकारी होटल में घुस गया। हुगो लेनन नामक व्यक्ति ने होटल लॉबी के ऊपर से भारत और भारतीय प्रवासियों के खिलाफ नारे लगाए। विक्टोरिया पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे होटल परिसर से बाहर कर दिया और कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी।
मार्वल स्टेडियम के बाहर भी किया प्रदर्शन
अगले दिन 10 जुलाई को हुगो लेनन के नेतृत्व में कुछ प्रदर्शनकारियों ने मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। इसी स्टेडियम में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान आप्रवासन विरोधी और भारत विरोधी नारे लगाए गए।
भारतीय समुदाय ने जवाब में बजाए ढोल-नगाड़े
प्रदर्शनकारियों की आवाज भारतीय समुदाय के उत्साह के सामने दब गई। बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय प्रवासियों ने ढोल-नगाड़े और संगीत बजाकर विरोध को प्रभावहीन कर दिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रधानमंत्री मोदी ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया।
मानवाधिकार संगठनों ने भी जताया विरोध
एम्नेस्टी इंटरनेशनल ऑस्ट्रेलिया और 'अलायंस अगेंस्ट इस्लामोफोबिया' सहित कुछ मानवाधिकार एवं सिविल सोसायटी संगठनों ने भी अलग प्रदर्शन आयोजित किए। इन समूहों ने भारत में मानवाधिकार, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।
प्रदर्शनकारियों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
इन संगठनों ने भारत में मुस्लिम, सिख, ईसाई और दलित समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने तथा कश्मीर और मणिपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मानवाधिकारों के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार से द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इन मुद्दों को उठाने की अपील की गई।
सुरक्षा व्यवस्था रही पूरी तरह सतर्क
विक्टोरिया पुलिस ने पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। होटल में हुई नारेबाजी के दौरान प्रदर्शनकारी को तुरंत हिरासत में लेकर बाहर किया गया। वहीं मार्वल स्टेडियम के बाहर हुए विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही।








