जंतर-मंतर पर 17वें दिन भी अनशन जारी: सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी है। आज इस पूरे धरने का 25वां दिन है।सोनम वांगचुक इस छात्र आंदोलन के समर्थन में 28 जून को शामिल हुए थे। तब से बिना अन्न-जल के बैठे उनके व्यक्तिगत अनशन का आज 17वां दिन है। यह आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहा है। प्रदर्शन में छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
लगातार उपवास से 8.2 किलो वजन घटा, स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
लगातार 17 दिनों से उपवास पर रहने के कारण सोनम वांगचुक का वजन करीब 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर 107/70 और ब्लड शुगर 67 mg/dL तक पहुंच गया है, जिससे कमजोरी लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से उनकी जांच कर रही है और स्वास्थ्य पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उनकी सेहत और अधिक प्रभावित हो सकती है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की मांग
प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक हस्तियों का मिला समर्थन
इस आंदोलन को कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त हुआ है। आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित कई नेताओं ने आंदोलन का समर्थन जताया है। वहीं लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह सहित कई प्रख्यात नागरिकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील भी की है। नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने 20 जून को यह आंदोलन शुरू किया था।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
आंदोलन के आयोजकों ने घोषणा की है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला जाएगा। इसके लिए देशभर के छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित होगा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
फिलहाल प्रदर्शनकारी सरकार से औपचारिक वार्ता और ठोस आश्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों और समर्थकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित बातचीत इस आंदोलन की आगे की दिशा तय कर सकती है।








